Jharkhand: झारखंड के खूंटी में अंधविश्वास और डायन-बिसाही के शक ने एक मासूम बच्चे की जान ले ली। जहां गुरुवार को महज सात साल के विष्णु मुंडा की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस मामले में मारंगहादा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शनिवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान लांदुपटोला बीमाडीह गांव निवासी जगरनाथ मुंडा उर्फ जगर मुंडा और रघु मुंडा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुदाल और मृतक बच्चे की चप्पल भी बरामद कर ली है, जिसे अहम सबूत माना जा रहा है।
बदले की भावना में साजिश हुई
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी रघु मुंडा के पोते की करीब तीन महीने पहले मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से ही वह मानसिक रूप से परेशान था और उसे गांव के लक्ष्मण मुंडा की पत्नी पर जादू-टोना (डायन-बिसाही) करने का शक था। रघु मुंडा को यह अंधविश्वास था कि इसी कारण उसके पोते की जान गई।
खौफनाक साजिश, बच्चे की हुई मौत
इसी शक और बदले की भावना में अंधे होकर रघु मुंडा ने अपने साथी जगरनाथ मुंडा के साथ मिलकर एक खौफनाक साजिश रची। गुरुवार को जब लक्ष्मण मुंडा का सात वर्षीय बेटा विष्णु मुंडा जंगल के पास खेल रहा था, तभी दोनों आरोपियों ने मौके का फायदा उठाया। आरोप है कि उन्होंने कुदाल की बेंत से विष्णु के सिर पर जोरदार वार किया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
पुलिस मौके पहुंची व जांच शुरू की
घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल फैल गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
समाज में फैले अंधविश्वास की तस्वीर उजागर
यह घटना एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास और डायन-बिसाही जैसी कुप्रथाओं की भयावह तस्वीर पेश करती है, जिसमें निर्दोष और मासूम लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है।