Republic Day 2026: झारखंड में 76वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया. राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने तिरंगा फहराया और भव्य परेड की सलामी ली. इस बार की परेड में झारखंड पुलिस के साथ बंगाल पुलिस की बटालियन भी शामिल रही, जिसने समारोह को खास बना दिया.
राज्यपाल ने गिनाईं उपलब्धियां और अवसर
राज्यपाल ने अपने संबोधन में प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह दिन राष्ट्र, संविधान और संप्रभुता के गौरव को याद करने का अवसर है. उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उन्हीं के संघर्ष से आज का लोकतांत्रिक भारत संभव हो सका है. राज्यपाल ने कहा कि झारखंड आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है और बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि में नए अवसर लगातार पैदा हो रहे हैं.
रत्नगर्भा झारखंड और विकसित भारत का संकल्प
राज्यपाल ने झारखंड को खनिज संपदा के कारण रत्नगर्भा बताया और कहा कि यह धरती देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में बड़ी भूमिका निभा रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है और झारखंड भी इस यात्रा का अहम हिस्सा है.
संविधान पर गर्व और लोकतंत्र की मजबूती
अपने भाषण में राज्यपाल ने संविधान को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया. उन्होंने कहा कि 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ संविधान अतीत के अनुभव, वर्तमान की जरूरत और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है. 76 वर्षों की यात्रा ने यह साबित कर दिया है कि भारत एक मजबूत और सफल लोकतांत्रिक गणतंत्र के रूप में स्थापित हो चुका है.
शिक्षा और स्वास्थ्य पर सरकार का जोर
राज्यपाल ने शिक्षा क्षेत्र की योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि मेधावी छात्रों को विदेशों में पढ़ाई के लिए पूरी ट्यूशन फीस राज्य सरकार वहन कर रही है. गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, वाल्मीकि छात्रवृत्ति योजना और मानकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को सहारा मिल रहा है. स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उन्होंने रिम्स 2 के निर्माण और पीपीपी मोड पर नए मेडिकल कॉलेजों की जानकारी दी. साथ ही मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना को स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बताया.
क्यों नहीं दिखे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
हर साल गणतंत्र दिवस पर उपराजधानी दुमका में ध्वजारोहण करने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस बार समारोह से दूर रहे. बताया गया कि वे विदेश दौरे पर लंदन में हैं. उनकी गैरमौजूदगी को लेकर भाजपा ने सरकार पर हमला बोला और इसे गणतंत्र दिवस का अपमान बताया. भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि खास मौके पर मुख्यमंत्री और अधिकारी विदेश में व्यस्त हैं.
सुरक्षा और झांकियों ने बढ़ाया आकर्षण
समारोह में मंत्री, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे. विभिन्न विभागों की झांकियों ने सरकारी योजनाओं और झारखंड की संस्कृति को प्रदर्शित किया. सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और मोरहाबादी मैदान पूरी तरह छावनी में तब्दील नजर आया.