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  • 2026-01-26

Jharkhand Politics: झारखंड की सियासत में फिर हलचल, मुख्यमंत्री के विदेश दौरे के बाद कैबिनेट में होगा बड़ा फेरबदल?

Jharkhand Politics: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विदेश दौरे से वापसी के बाद झारखंड की राजनीति में नई गतिविधियों के संकेत मिलने लगे हैं. सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर कैबिनेट विस्तार और संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री लौटते ही इन मुद्दों पर अंतिम निर्णय ले सकते हैं.

झामुमो कोटे से दो नए चेहरों की चर्चा
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि कैबिनेट विस्तार की स्थिति में झारखंड मुक्ति मोर्चा के दो विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है. इनमें एक विधायक संताल परगना क्षेत्र से और दूसरा कोल्हान क्षेत्र से हो सकता है. दोनों ही क्षेत्र झामुमो का मजबूत राजनीतिक आधार माने जाते हैं.

क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति
संताल परगना और कोल्हान आदिवासी राजनीति के प्रमुख केंद्र रहे हैं. पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इन क्षेत्रों को कैबिनेट में प्रतिनिधित्व देने से संगठनात्मक संतुलन मजबूत होगा और राजनीतिक संदेश भी स्पष्ट जाएगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कार्यशैली में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को हमेशा प्राथमिकता दी जाती रही है.

राजद कोटे पर संशय के बादल
कैबिनेट को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच राजद कोटे के मंत्री संजय यादव को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि राजद कोटे में बदलाव हो सकता है. ऐसे में संजय यादव का मंत्रिमंडल में बने रहना तय नहीं माना जा रहा है. बिहार चुनाव के दौरान तालमेल में आई खटास के बाद यह मुद्दा और गहराया है.

कांग्रेस में भी मंथन तेज
कैबिनेट विस्तार का असर कांग्रेस कोटे पर भी पड़ने की संभावना जताई जा रही है. वर्तमान में कांग्रेस के चार मंत्री मंत्रिमंडल में शामिल हैं. पार्टी के भीतर लंबे समय से असंतोष की स्थिति बनी हुई है और कई विधायक मंत्री पद की दावेदारी जता रहे हैं. इसी कारण कांग्रेस नेतृत्व भी संभावित बदलाव को लेकर रणनीति पर विचार कर रहा है.

मुख्यमंत्री के विदेश दौरे से लौटने के बाद कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर संतुलन साधने की कवायद को दर्शाती हैं. झामुमो अपने मजबूत क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देकर संगठन को मजबूत करने के संकेत दे रहा है. वहीं सहयोगी दलों राजद और कांग्रेस में संभावित फेरबदल गठबंधन की आंतरिक राजनीति को नई दिशा दे सकता है. आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री के फैसले राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.
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