Jamtara: जामताड़ा में आयोजित VB G RAM G कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के बयान सुर्खियों में हैं।
सभा को संबोधित करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि महात्मा गांधी राम राज्य की स्थापना चाहते थे, लेकिन कांग्रेस को “G RAM G" नाम से परेशानी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राज्य सरकार इस योजना का विरोध इसलिए कर रही है क्योंकि इससे भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। मरांडी ने मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक पैसे लेकर काम दिया जा रहा है।
जनजातियों के अधिकारों पर हमला
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लंदन दौरे पर निशाना साधते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जिस सम्मेलन के लिए मुख्यमंत्री विदेश गए थे, वह पहले ही समाप्त हो चुका था। उन्होंने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व के समय मुख्यमंत्री का देश से बाहर रहना राज्य और देश के सम्मान के खिलाफ है। मरांडी ने आरोप लगाया कि झारखंड की जनता की गाढ़ी कमाई और अवैध बालू-कोयला कारोबार के पैसों को निवेश करने के लिए मुख्यमंत्री विदेश गए हैं। उन्होंने कहा कि जहां भ्रष्टाचार और अपराध का माहौल हो, वहां कोई विदेशी निवेश क्यों करेगा। साथ ही पेसा कानून की नियमावली को आदिवासियों और आदिम जनजातियों के अधिकारों पर हमला बताया।
इरफान अंसारी ने बाबूलाल मरांडी के बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी
वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बाबूलाल मरांडी के बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा भगवान राम के नाम को आगे कर पीछे रावण राज लाना चाहती है। मंत्री ने इसे देश को तोड़ने वाली राजनीति बताते हुए योजना का नाम बदलने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी भी कीमत पर नाम नहीं बदलने देगी और इसके खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा। डॉ. अंसारी ने 60/40 मॉडल को गरीब राज्य झारखंड के लिए साजिश बताते हुए कहा कि भाजपा को राज्य के गरीबों, मजदूरों और जनता के साथ खड़ा होना चाहिए।