Jamshedpur Breaking: सूत्रों के अनुसार कैरव गांधी अपहरण मामले में गुरुवार को मानगो थाना में आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है. सूत्रों की माने तो सिटी एसपी और डीएसपी हेडक्वार्टर-1 स्वयं इस पूछताछ की निगरानी कर रहे हैं. पुलिस अब पूरे नेटवर्क और साजिश की परतें खोलने में जुटी है.
फैक्ट्री जाते समय हुआ था अपहरण
24 वर्षीय कैरव गांधी जो जमशेदपुर के व्यवसायी देवांग गांधी के बेटे हैं, 13 जनवरी 2026 को बिष्टुपुर स्थित अपने आवास से आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में अपनी फैक्ट्री जाने के लिए निकले थे. इसी दौरान उनका अपहरण कर लिया गया था, जिससे शहर में हड़कंप मच गया था.
विदेशी नंबर से आई थी फिरौती की मांग
अपहरण के बाद परिजनों को व्हाट्सएप के जरिए फिरौती की मांग की गई थी. यह कॉल एक विदेशी नंबर से की गई थी, जो इंडोनेशिया से जुड़ा बताया गया. पुलिस के लिए यह एक बड़ा सुराग बना और जांच की दिशा बदल गई.
बरही से हुई सकुशल बरामदगी
लगातार 14 दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद 27 जनवरी 2026 को तड़के करीब 4:30 बजे कैरव गांधी को हजारीबाग जिले के बरही इलाके से सुरक्षित बरामद किया गया. पुलिस के अनुसार बढ़ते दबाव के कारण अपराधी उन्हें सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गए थे. इस सनसनीखेज मामले को सुलझाने के लिए झारखंड पुलिस ने सात विशेष जांच टीमें गठित की थीं. इन टीमों ने बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत कई राज्यों में छापेमारी कर सुराग जुटाए.
आरोपी गिरफ्तार और हथियार बरामद
ताजा जानकारी के अनुसार इस कांड में शामिल अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. उनके पास से हथियार भी बरामद किए गए हैं. पुलिस अब पूछताछ के जरिए पूरे गिरोह की कड़ी जोड़ने में लगी है.
यह मामला केवल एक अपहरण नहीं बल्कि संगठित अपराध के बढ़ते नेटवर्क की ओर इशारा करता है. पुलिस की सक्रियता और कई राज्यों में की गई कार्रवाई से साफ है कि अब ऐसे गिरोहों पर शिकंजा और कसा जाएगा. मानगो थाने में चल रही पूछताछ आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे कर सकती है.