Jharkhand News: झारखंड के साहिबगंज जिले में ऊर्जा क्रांति की तैयारी शुरू हो गई है. केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जिले के 10 गांवों को सोलर विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा. इन गांवों में स्वच्छ और सस्ती बिजली का नेटवर्क तैयार होगा, जिससे ग्रामीण जीवन में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है.
आपसी मुकाबले में मिलेगा एक करोड़ का इनाम
इन गांवों के बीच प्रदर्शन आधारित प्रतिस्पर्धा कराई जाएगी. जो गांव सबसे बेहतर तरीके से सोलर क्षमता विकसित करेगा, उसे केंद्र सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. इस प्रतियोगिता का मकसद गांवों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है.
ये हैं चयनित गांव
योजना में हाजीपुर, लखी साजनपुर, गंगा प्रसाद पूर्व, जोंका, सरफराजगंज, बेगमगंज, जामनगर, श्रीधर, मिर्जापुर और पलासबोना को शामिल किया गया है. इन गांवों के स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, पंचायत भवन और अन्य सरकारी भवनों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाएगा.
छह महीने में अधिकतम लाभुक जोड़ने का लक्ष्य
इस योजना की नोडल एजेंसी जरेडा को छह महीने के भीतर अधिक से अधिक ग्रामीणों को पीएम सूर्य घर और पीएम कुसुम योजना से जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है. जिन गांवों में सबसे ज्यादा सोलर क्षमता स्थापित होगी, उन्हें मॉडल सोलर विलेज घोषित किया जाएगा.
हर गांव बनेगा नवीकरणीय ऊर्जा का मॉडल
इन गांवों में रूफटॉप सोलर सिस्टम, सोलर पंप, सोलर स्ट्रीट लाइट और सामुदायिक सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे. उद्देश्य यह है कि गांवों को चौबीसों घंटे स्वच्छ और भरोसेमंद बिजली मिल सके और पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता कम हो.
किसानों को भी मिलेगा सीधा लाभ
पीएम कुसुम योजना के तहत जिला कृषि विभाग की आत्मा परियोजना से किसानों को दो, तीन और पांच एचपी के सोलर पंप दिए जा रहे हैं. अब तक 160 ऑनलाइन आवेदनों में से 119 किसान इच्छुक पाए गए हैं और 35 किसानों ने अपना अंशदान जमा कर दिया है. वहीं पीएम सूर्य घर योजना से अभी तक चार लाभुक जुड़े हैं.
बिजली बिल और डीजल खर्च से राहत
सोलर सिस्टम से ग्रामीणों को घरेलू बिजली और सिंचाई दोनों में सहूलियत मिलेगी. डीजल और परंपरागत बिजली पर होने वाला खर्च घटेगा और किसान अपनी जरूरत के साथ बिजली उत्पादन भी कर सकेंगे. जिला कृषि पदाधिकारी प्रमोद एक्का के अनुसार किसानों का रुझान लगातार बढ़ रहा है और चयनित गांवों में ज्यादा से ज्यादा लोगों को योजना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.
साहिबगंज के लिए यह योजना केवल बिजली की व्यवस्था नहीं बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है. यदि तय समय में लक्ष्य पूरे होते हैं तो यह मॉडल राज्य के अन्य जिलों के लिए भी उदाहरण बन सकता है.