Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-02-06

Jharkhand News: झारखंडियों के हक और रोजगार पर आमने-सामने पक्ष-विपक्ष, झामुमो का भाजपा पर तीखा प्रहार

Jharkhand: झारखंडियों को रोजगार देने की बात करना आज भाजपा को धमकी जैसा लगने लगा है। यह भाजपा की जनविरोधी और युवा विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। भाजपा को न तो राज्य के युवाओं की चिंता है और न ही स्थानीय लोगों के भविष्य से कोई सरोकार है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी झारखंड के युवाओं के रोजगार और भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील हैं। उनकी सरकार ने न केवल सरकारी नौकरियों में पारदर्शी तरीके से बहालियों की प्रक्रिया शुरू की है, बल्कि निजी क्षेत्र में भी स्थानीय युवाओं को अवसर देने के लिए ठोस और ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। निजी कंपनियों में 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों की नियुक्ति का निर्णय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने युवाओं के व्यापक हित में लिया है, ताकि झारखंड के संसाधनों पर पहला अधिकार झारखंडियों का हो।


भाजपा को रास नहीं आ रहा स्थानीय युवाओं का हक

यह फैसला भाजपा जैसी नफरत फैलाने वाली पार्टी को समझ में नहीं आ सकता। भाजपा को जब भी स्थानीय अधिकार, रोजगार और सामाजिक न्याय की बात होती है तो वह उसे राजनीति का हथियार बनाकर भ्रम फैलाने लगती है। सच यह है कि भाजपा झारखंड के युवाओं को सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करना जानती है, उनके स्थायी रोजगार और सम्मानजनक भविष्य से उसका कोई लेना-देना नहीं है। भाजपा केंद्र की सत्ता में यह कहकर आई थी कि हर साल करोड़ों नौकरियां दी जाएंगी और कुल मिलाकर पांच करोड़ रोजगार सृजित किए जाएंगे। लेकिन बाद में स्वयं भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने इस वादे को “जुमला” बता दिया। इससे बड़ा प्रमाण और क्या हो सकता है कि भाजपा के लिए रोजगार कभी प्राथमिकता रहा ही नहीं। भाजपा के लिए असली एजेंडा समाज में नफरत फैलाना, लोगों को बांटना और मुद्दों से ध्यान भटकाना है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष युवाओं से मांगें माफी

भाजपा की राजनीति नफरत, डर और विभाजन पर टिकी हुई है। जब-जब झारखंड सरकार रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय की बात करती है, भाजपा बौखला जाती है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जनकल्याणकारी नीतियों के कारण ही झारखंड की जनता ने उन्हें भारी जनमत और भरोसा दिया है, जिसे भाजपा आज तक पचा नहीं पा रही है। भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को झारखंड के युवाओं से माफी मांगनी चाहिए। भाजपा के शासनकाल में नियुक्तियों के नाम पर बड़े-बड़े घोटाले हुए, परीक्षाएं रद्द हुईं और युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेला गया। इसके विपरीत, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य में सरकारी नौकरियों की बरसात हो रही है। 

लगभग सभी विभागों में पारदर्शी तरीके से बहालियां की जा रही हैं और युवाओं को उनका हक मिल रहा है। असल सच्चाई यह है कि भाजपा एक आदिवासी को मुख्यमंत्री के पद पर एक मिनट भी देखना नहीं चाहती। यही भाजपा की पीड़ा, हताशा और बौखलाहट का मूल कारण है। लेकिन झारखंड की जनता सब समझ चुकी है और आने वाले समय में भी भाजपा को उसके जनविरोधी रवैये का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देती रहेगी।
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !