Jamshedpur News: दलमा अभयारण्य के तराई क्षेत्र में डिमना लेक के समीप भादूडीह गांव के पास झारखंड का पहला अत्याधुनिक एलीफेंट केयर सेंटर स्थापित किया जाएगा. वन विभाग की ओर से लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से 10 हेक्टेयर (करीब 26 एकड़) भूमि पर बनने वाला यह केंद्र घायल, बीमार, बुजुर्ग और अनाथ हाथियों के उपचार, देखभाल और पुनर्वास के लिए समर्पित होगा. अगले सप्ताह से निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है.
हाथियों के लिए जीवनदान बनेगा
दलमा के डीएफओ सह गज परियोजना के उप निदेशक सबा आलम अंसारी ने बताया कि कोल्हान क्षेत्र में लगातार बढ़ते मानव-हाथी संघर्ष और जंगलों में घायल हाथियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह परियोजना स्वीकृत की गई है. यह केंद्र न केवल हाथियों के लिए जीवनदान बनेगा, बल्कि वन्यजीव संरक्षण की दिशा में राज्य के लिए एक नई पहचान भी स्थापित करेगा.
यह एलीफेंट केयर सेंटर एक तरह से “हाथियों का अस्पताल और पुनर्वास गृह” होगा, जहां विशेषज्ञ वन्यजीव चिकित्सकों की टीम तैनात रहेगी. यहां नियमित स्वास्थ्य जांच, उपचार और निगरानी के साथ-साथ गंभीर मामलों में सर्जरी और उन्नत चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी.
सेंटर में उपलब्ध प्रमुख सुविधाएं:
- प्राथमिक उपचार, सर्जरी, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी
- खुले व प्राकृतिक बाड़े, ताकि हाथी तनावमुक्त रह सकें
- स्नान और पानी के लिए तालाब व वाटर टैंक
- ड्रोन, जीपीएस कॉलर और सीसीटीवी से निगरानी
रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे
सेंटर में महावतों और प्रशिक्षित वनकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जो हाथियों के खान-पान, व्यवहार और गतिविधियों पर लगातार नजर रखेंगे. दलमा जंगल से जुड़े प्राकृतिक मार्गों को भी संरक्षित किया जाएगा, ताकि हाथी अपने स्वाभाविक आवागमन को बनाए रख सकें. इस परियोजना से स्थानीय समुदायों में जागरूकता बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे. शोधकर्ता, छात्र और संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञ यहां अध्ययन के लिए आएंगे, जिससे क्षेत्र को एक नई पहचान मिलेगी.
डीएफओ सबा आलम अंसारी के अनुसार, “यह एलीफेंट केयर सेंटर हाथियों के सुरक्षित भविष्य और पारिस्थितिकी संतुलन को बनाए रखने की दिशा में एक निर्णायक कदम होगा.”