पुलिस के अनुसार, इस मामले में जांच के दौरान 6 फरवरी 2026 को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि दो संदिग्ध युवक सिदगोड़ा थाना और बिरसानगर थाना के सीमावर्ती क्षेत्र में घूम रहे हैं, जिनमें से एक का चेहरा सीसीटीवी फुटेज में दिखे आरोपी से मेल खाता है।
सूचना के आधार पर सिदगोड़ा थाना पुलिस, टाइगर मोबाइल और पीसीआर टीम को सतर्क किया गया और इलाके में घेराबंदी कर बिरसा बाजार मणिपाल हॉस्पिटल के पीछे घोड़ा मंदिर रोड से दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया गया। पूछताछ के दौरान सीसीटीवी फुटेज से मिलान करने पर एक आरोपी की पहचान पूरी तरह स्पष्ट हो गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कार्तिक लोहार उर्फ चेपा (23 वर्ष) और ऋतिक पाल (25 वर्ष) के रूप में हुई है।
पुलिस द्वारा गहन पूछताछ करने पर दोनों आरोपियों ने शराब दुकान में हुई चोरी की घटना को स्वीकार कर लिया। साथ ही उन्होंने अन्य थाना क्षेत्रों में भी शराब दुकानों में चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता की जानकारी पुलिस को दी है।
तलाशी के दौरान पुलिस ने कार्तिक लोहार के पास से 2700 रुपये तथा ऋतिक पाल के पास से 3300 रुपये नकद बरामद किए। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से साकची और कदमा थाना में चोरी सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस पूरे अभियान में सिदगोड़ा थाना के पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों की अहम भूमिका रही।