घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी एवं मंत्री श्री योगेंद्र महतो सक्रिय हुए और रिम्स पहुँचकर घायलों का हालचाल जाना। दोनों मंत्रियों ने अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात कर चिकित्सकों को निर्देश दिया कि इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सभी को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट किया कि घायलों के उपचार में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चिकित्सकों ने जानकारी दी कि चार बच्चे एवं एक महिला खतरे से बाहर हैं और उनका इलाज लगातार जारी है।
इसके पश्चात दोनों मंत्रियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। डॉ. इरफान अंसारी ने घोषणा की कि हाथी हमले में जान गंवाने वाले दोनों मृतकों के परिजनों को एक सप्ताह के भीतर ₹4-4 लाख की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी सहायता से अपूरणीय क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन सरकार हर संभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
हाथियों के बढ़ते प्रकोप पर चिंता व्यक्त करते हुए दोनों मंत्रियों ने कहा कि यह केवल सुरक्षा का विषय नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के बीच बिगड़ते संतुलन का संकेत है। जंगलों का सिकुड़ना, मानवीय विस्तार और संसाधनों की कमी जैसे कारणों की गंभीर समीक्षा कर स्थायी समाधान निकालना आवश्यक है। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वन्यजीव संरक्षण और मानव सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ठोस रोकथाम उपाय सुझाए जाएँ।
मंत्री श्री योगेंद्र महतो ने कहा कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधि होने के नाते वे जनता के हर सुख-दुख में उनके साथ खड़े हैं और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता दिलाई जाएगी।
पत्रकारों से बातचीत में मंत्रियों ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने पर बल देते हुए कहा कि रिम्स के विस्तार और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे बड़े राज्य में रिम्स-2 की आवश्यकता महसूस की जा रही है, जिस पर मुख्यमंत्री शीघ्र निर्णय लेंगे।
राज्य सरकार ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पुनः आश्वस्त किया है कि पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दीर्घकालिक समाधान पर प्राथमिकता के साथ कार्य किया जाएगा।