कम समय में बनाई विशेष पहचान
आयोजकों ने बताया कि यह कीर्तन समागम सिख परंपरा के अनुरूप गुरबाणी और भजन-कीर्तन के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना के प्रसार के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। प्रातःकालीन आसां दी वार गुरबाणी पाठ को सिख धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जो दिन की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा, आत्मिक शांति और प्रभु स्मरण के साथ करने का संदेश देता है।आयोजकों ने सांगत से अधिक से अधिक संख्या में समागम में शामिल होने का अनुरोध किया है।
आध्यात्मिक चेतना का प्रसार है मुख्य लक्ष्य
समागम के दौरान गुरुद्वारा परिसर गुरबाणी की मधुर ध्वनि से गुंजायमान रहेगा। संगत द्वारा गुरुग्रंथ साहिब के समक्ष अरदास, नाम स्मरण और सामूहिक कीर्तन किया जाएगा।अमृतवेला परिवार के अनुसार, यह आयोजन नियमित रूप से किया जाता रहा है और इसका 100 वाँ साप्ताहिक संस्करण होने के कारण इसका विशेष आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व है। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के कीर्तन समागम समाज में आपसी भाईचारे, धार्मिक सद्भाव और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
संगत से उपस्थिति की अपील
अमृतवेला परिवार और स्टेशन रोड गुरुद्वारा कमेटी ने स्थानीय संगत एवं सिख समुदाय के श्रद्धालुओं से विनम्र अपील की है कि वे इस पावन अवसर पर सपरिवार उपस्थित होकर गुरु घर की खुशियाँ प्राप्त करें। अमृतवेला के इस आध्यात्मिक प्रवाह में शामिल होकर अपनी सुबह को सफल बनाएँ।