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  • 2026-02-07

Indian Institute Of Metals: भारत के हरित धातुकर्म परिवर्तन के लिए कोलकाता में जुटे उद्योग जगत के दिग्गज

Indian Institute of Metals: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेटल्स, कोलकाता चैप्टर ने अपने हीरक जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में Metals@Green.in सम्मेलन का भव्य आयोजन किया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत के धातुकर्म और सामग्री क्षेत्रों में स्थिरता और पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों को गति देना है।

कोलकाता के होटल प्राइड प्लाजा में आयोजित इस कार्यक्रम में उद्योग, शिक्षा जगत और सरकार के प्रमुख विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन के दौरान कार्बन उत्सर्जन में कमी, स्वच्छ तकनीक, सर्कुलर इकोनॉमी, अपशिष्ट प्रबंधन, ऊर्जा दक्षता और टिकाऊ जल प्रबंधन जैसे ज्वलंत विषयों पर गहन चर्चा हुई।

नवाचार और हरित परिवर्तन पर जोर

उद्घाटन सत्र की शोभा कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने बढ़ाई। सम्मेलन के अध्यक्ष और टाटा स्टील के वीपी ऑपरेशंस चैतन्य भानु, मुख्य अतिथि राजीव मंगल वीपी सेफ्टी, हेल्थ एंड सस्टेनेबिलिटी, टाटा स्टील, और डॉ. तन्मय भट्टाचार्य ने नवाचार-संचालित हरित परिवर्तन की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक उमेश सिंह और आईआईटी खड़गपुर के प्रो. शिव व्रत सिंह भी बतौर सम्मानित अतिथि उपस्थित रहे।

तकनीकी सत्र और विशेषज्ञ संवाद

पूरे सम्मेलन को चार तकनीकी सत्रों में विभाजित किया गया था, जिसमें टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, हिंडाल्को, एएम/एनसी इंडिया और आईआईटी खड़गपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों ने 18 महत्वपूर्ण व्याख्यान दिए। चर्चा के प्रमुख विषय निम्नलिखित थे ग्रीन आयरनमेकिंग और स्वच्छ कोयला तकनीक। ई-कचरा रिकवरी और महत्वपूर्ण खनिजों का संरक्षण। डिजिटलीकरण और जल तटस्थता।

सहयोगात्मक भविष्य की रूपरेखा

सम्मेलन के दौरान "ग्रीन इंडिया के लिए सहयोगात्मक मार्ग" विषय पर एक उच्च-स्तरीय पैनल चर्चा आयोजित की गई। इसमें विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि स्थायी लौह निर्माण और स्क्रैप-आधारित स्टीलमेकिंग तकनीकों को आगे बढ़ाने के लिए उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच मजबूत तालमेल और ठोस नीति निर्माण की आवश्यकता है। समापन सत्र में भारतीय धातुकर्म क्षेत्र को अधिक लचीला और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
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