Jamshedpur: नगर निगम चुनाव के लिए प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह मिलते ही शहर और कस्बों का चुनावी माहौल पूरी तरह तैयार हो गया है। अब तक दफ्तरों और बैठकों तक सीमित रहकर रणनीति बनाने वाले उम्मीदवार सीधे जनता के बीच उतरने लगे हैं। शहर की गलियों और मोहल्लों में पोस्टर, बैनर और झंडे नजर आने लगे हैं, वहीं लाउडस्पीकर से नारे भी गूंजने लगे हैं। ऐसा लग रहा है कि शहर की सड़कों पर सियासत की हलचल हर तरफ दिखाई दे रही है। जिसमे मानगो, जुगसलाई और चकुलिया के उम्मीदवार अपने चुनावी प्रचार को लेकर सक्रिय हो गए हैं।
हर गली, हर मोहल्ला: वोट की पूरी तस्वीर पर नजर
चुनाव चिन्ह मिलने के बाद प्रत्याशी अब घर-घर संपर्क, नुक्कड़ सभाएं, रोड शो और डोर-टू-डोर प्रचार में जुट गए हैं। मेयर और वार्ड पार्षद पद के उम्मीदवार अपने-अपने इलाके में समीकरण बनाने में लगे हैं। हर गली और मोहल्ले में कितने वोट हैं, कौन-सा इलाका निर्णायक साबित हो सकता है, इसका पूरा आकलन किया जा रहा है। प्रत्याशियों का मानना है कि इस बार जनता उनकी बातों को ज्यादा तवज्जो देगी, इसलिए हर कदम सोच-समझ कर उठाया जा रहा है।
ई-रिक्शा और ऑटो बने प्रचार का नया हथियार
पिछले चुनावों में बड़े वाहनों के इस्तेमाल की तुलना में इस बार प्रत्याशी ई-रिक्शा और ऑटो पर भरोसा कर रहे हैं। इन छोटे वाहनों की खासियत यह है कि ये तंग गलियों और रिहायशी इलाकों तक आसानी से पहुंच जाते हैं। कम खर्च में अधिक क्षेत्र कवर करना इन्हें प्रचार का सबसे कारगर साधन बना देता है। जानकारी के अनुसार, एक ई-रिक्शा या ऑटो पूरे दिन के लिए 800 से 1500 रुपए में बुक किया जा रहा है। इनमें लाउडस्पीकर लगाकर पूरे दिन प्रचार किया जाएगा, ताकि छोटे-छोटे मोहल्लों तक भी संदेश पहुंच सके।
परीक्षार्थियों के लिए चिंता का विषय
इसी बीच शहर के स्कूलों में बोर्ड और अन्य परीक्षा भी चल रही हैं। ऐसे में गली-मोहल्लों में बजने वाले लाउडस्पीकर छात्रों और अभिभावकों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं। खासकर सुबह और शाम के समय, जब बच्चे रिवीजन और पढ़ाई में जुटे होते हैं, वही प्रचार का शोर उनके लिए एक चुनौती बन रहा है। कई अभिभावकों ने इसे लेकर नाराजगी जताई है और प्रशासन से समाधान की उम्मीद की है।
प्रचार सामग्री की होड़
चुनाव चिन्ह मिलने के साथ ही प्रचार सामग्री की छपाई भी तेज हो गई है। प्रिंटिंग प्रेसों में पंपलेट, हैंडबिल और कार्ड छपवाने के लिए प्रत्याशियों की भीड़ बढ़ गई है। प्रिंटिंग प्रेस संचालकों के मुताबिक, पिछले दो दिनों में ऑर्डर कई गुना बढ़ गए हैं। छोटे वार्डों से लेकर बड़े नगर निगम क्षेत्र तक, उम्मीदवार अपनी पहचान जनता तक पहुंचाने के लिए हजारों पंपलेट और कार्ड तैयार करवा रहे हैं।
जनता के दरवाजे तक पहुंची सियासी जंग
चुनाव चिन्ह मिलने के साथ ही नगर निकाय चुनाव की जंग अब जनता के दरवाजे तक पहुंच चुकी है। हर गली, हर मोहल्ला और हर वोट की अहमियत बढ़ गई है। आने वाले दिनों में प्रचार और भी तेज होगा, और शहर की सड़कों से लेकर गलियों तक चुनावी रंग और गहराता नजर आएगा। जनता अब प्रत्याशियों के विचारों और योजनाओं को नजदीक से जान पाएगी, और यह तय करेगा कि अगले पांच वर्षों के लिए कौन सत्ता में आएगा।