Dhanbad News: धनबाद के सरायढेला थाना क्षेत्र अंतर्गत डॉक्टर कॉलोनी में उस समय हंगामा मच गया, जब मकान खाली कराने पहुंची पुलिस टीम पर एक गर्भवती महिला और उसके बच्चों के साथ मारपीट व दुर्व्यवहार का गंभीर आरोप लगा. घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है और पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है.
पीड़ित सदीक अंसारी का परिवार पिछले करीब 50 वर्षों से डॉक्टर कॉलोनी में रह रहा है. इसी परिसर में बीसीसीएल के सहयोग से रामकृष्णा शिक्षा एंड जनकल्याण चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा बिरसा पब्लिक स्कूल का संचालन किया जा रहा है. बताया गया कि स्कूल प्रबंधन की ओर से मंगलवार को सरायढेला थाना में आवेदन देकर आरोप लगाया गया कि परिवार की ओर से परिसर में कथित रूप से प्रतिबंधित मांस फेंका गया है और इसी आधार पर जगह खाली कराने की मांग की गई थी.
इसी आवेदन के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची. उस समय घर पर कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था, केवल गर्भवती महिला और बच्चे ही थे. पीड़िता शहनाज बानो का आरोप है कि पुलिसकर्मी घर में घुस आए, गाली-गलौज की और जबरन बाहर निकालने की कोशिश करने लगे. विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई.
शहनाज बानो का कहना है कि उन्होंने पुलिस को अपने गर्भवती होने की जानकारी दी, लेकिन इसके बावजूद किसी ने उनकी बात नहीं सुनी. कथित मारपीट और तनाव के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद परिजन उन्हें एंबुलेंस से एसएनएमएमसीएच ले गए.
घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोग मौके पर जुट गए और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए. लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.
मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है. भाजपा नेत्री रीता यादव ने इस पूरी कार्रवाई की आलोचना करते हुए उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.