Jamshedpur: टाटा स्टील में संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। कंपनी प्रबंधन ने कई वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियों में परिवर्तन करते हुए नए पदस्थापन की घोषणा की है। इस संबंध में कंपनी के सीईओ एवं एमडी टी.वी. नरेंद्रन के हस्ताक्षर से आधिकारिक सर्कुलर जारी किया गया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
सरोज कुमार बनर्जी बने टाटा पिगमेंट्स के नए एमडी
टाटा स्टील के चीफ सेफ्टी रॉ मटेरियल्स सरोज कुमार बनर्जी को उनके वर्तमान स्तर पर आगामी तीन वर्षों के लिए मेसर्स टाटा पिगमेंट्स लिमिटेड में प्रतिनियोजित किया गया है। वे अब कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) के रूप में कार्यभार संभालेंगे।
प्रतिनियोजन अवधि के दौरान वे प्रशासनिक रूप से टाटा स्टील के वाइस प्रेसीडेंट सेफ्टी, हेल्थ एवं सस्टेनेबिलिटी को रिपोर्ट करेंगे। उनका कार्यक्षेत्र जमशेदपुर रहेगा। यह नियुक्ति मंगलवार से प्रभावी हो चुकी है।
अनिल कुमार सिंह हर्षाना को चीफ लॉजिस्टिक्स की जिम्मेदारी
वहीं, आइएल-2 ग्रेड के अधिकारी अनिल कुमार सिंह हर्षाना, जो टाटा पिगमेंट्स लिमिटेड में डेप्युटेशन पर एमडी के पद पर कार्यरत थे, अब अपने मूल संगठन टाटा स्टील में वापस लौटेंगे।
डेप्युटेशन की अवधि पूरी होने के बाद उन्हें उनके स्तर पर ही टाटा स्टील में चीफ लॉजिस्टिक्स के पद पर नियुक्त किया गया है। वे वाइस प्रेसीडेंट टीक्यूएम, जीएसपी एवं सप्लाई चेन को रिपोर्ट करेंगे और जमशेदपुर से अपनी सेवाएं देंगे। यह आदेश 15 फरवरी से लागू होगा।
आइएल-3 ग्रेड अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव
संगठनात्मक पुनर्संरचना के तहत आइएल-3 ग्रेड के दो वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया गया है।
हेड कंस्ट्रक्शन सिविल (ओएमक्यू जोडा) एवं एफएमडी, ईएंडपी, सिविल कंस्ट्रक्शन तथा पीएंडसी वेस्ट बोकारो के प्रभारी शिव शंकर साहू को एक फरवरी से छह महीनों के लिए सस्टेनेंस प्रोजेक्ट में अस्थायी जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे फंक्शनली चीफ कंस्ट्रक्शन सिविल को तथा प्रशासनिक रूप से चीफ पीएंडसी वेस्ट बोकारो को रिपोर्ट करेंगे।
इसी तरह, हेड बीपीई आईएम जमशेदपुर और बिजनेस परफॉर्मेंस एनहांसमेंट ऑपरेशन के प्रभारी अभिनव प्रकाश को हेड प्रोसेस एक्सीलेंस, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (वन सप्लाई चेन) के पद पर स्थानांतरित किया गया है। वे फंक्शनली चीफ सीओई (वन सप्लाई चेन) को रिपोर्ट करेंगे और जमशेदपुर से कार्य करेंगे। यह आदेश 15 मार्च से प्रभावी होगा।
कंपनी प्रबंधन का मानना है कि इन बदलावों से संगठनात्मक कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने, दक्षता बढ़ाने तथा विभिन्न परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।