Jharkhand News: डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस में बेहतर पुलिसिंग के लिए की गई 108 अनुशंसाओं को झारखंड में लागू करने की दिशा में बुधवार को अहम बैठक हुई. गृह सचिव वंदना दादेल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राज्य के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक और रेंज के डीआईजी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े.
बैठक के दौरान डीजीपी तदाशा मिश्र ने कॉन्फ्रेंस में सामने आई सभी प्रमुख अनुशंसाओं की जानकारी अधिकारियों को दी और उनके क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की. प्रत्येक बिंदु पर अमल कैसे किया जाए, इस पर अधिकारियों से सुझाव भी लिए गए.
बैठक में पोक्सो कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम, नक्सलियों की सरेंडर नीति, महिला सुरक्षा, भारतीय न्याय संहिता, स्मार्ट पुलिसिंग, मीडिया से बेहतर संवाद, नक्सल प्रभावित इलाकों में कल्याणकारी योजनाओं के संचालन, युवाओं को खेल व रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने जैसे विषयों पर फोकस किया गया. इसके साथ ही यह भी तय किया गया कि हर वरिष्ठ अधिकारी साल में कम से कम 100 घंटे अपने जूनियर अधिकारियों को प्रशिक्षण देंगे.
गृह सचिव और डीजीपी ने पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि नए आपराधिक कानूनों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित कराया जाए और बीट व सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत किया जाए. हर स्तर पर नियमित सम्मेलन आयोजित करने, केवल गिरफ्तारी नहीं बल्कि दोष सिद्ध कराने पर ध्यान देने, और सोशल मीडिया के जरिये पुलिस के सकारात्मक कार्यों को जनता तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया.
जांच और खुफिया तंत्र को मजबूत करने के लिए NATGRID, NAFIS, CCTNS, ई-कोर्ट और एआई आधारित एनालिटिक्स जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के अधिक उपयोग के निर्देश दिए गए. मादक पदार्थों के नेटवर्क, साइबर ठगी और सोशल मीडिया के दुरुपयोग के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाने, पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पुलिस-पर्यटक समन्वय बढ़ाने और ई-साक्ष्य ऐप के शत-प्रतिशत इस्तेमाल पर भी सहमति बनी.
अफीम की अवैध खेती पर रोक लगाने के लिए एंटी ड्रग रणनीति तैयार कर व्यापक अभियान चलाने, पोक्सो व एससी-एसटी मामलों की अद्यतन स्थिति की नियमित समीक्षा करने, उग्रवादियों की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए.
बैठक में पुलिस मुख्यालय, स्पेशल ब्रांच, सीआईडी, एसीबी के वरिष्ठ अधिकारी, जोन के आईजी, रेंज के डीआईजी और सभी जिलों के एसपी शामिल हुए.