Jharkhand News: झारखंड हाई कोर्ट में राज्य में महिलाओं और नाबालिगों के साथ बढ़ रही दुष्कर्म और प्रताड़ना की घटनाओं को लेकर दायर जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई. इस मामले में कोर्ट ने राज्य सरकार को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं.
मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने कहा कि महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा गठित कमेटी को एक सप्ताह के भीतर औपचारिक रूप से अधिसूचित (नोटिफाई) किया जाए. अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता भारती कौशल ने कोर्ट में पक्ष रखते हुए महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की.
कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि गठित कमेटी, झारखंड लीगल सर्विस अथॉरिटी (JHALSA) और याचिकाकर्ता द्वारा दिए गए सुझावों पर विस्तार से विचार करे. इसके बाद कमेटी अपनी विस्तृत रिपोर्ट चार सप्ताह के अंदर अदालत में पेश करेगी.
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 26 मार्च तय की है.
चार सदस्यीय कमेटी में राज्य के वरिष्ठ अधिकारी शामिल
• राजेश्वरी बी. वी., निदेशक, पंचायती राज निदेशालय, झारखंड
• ए. विजय लक्ष्मी, पुलिस महानिरीक्षक (प्रशिक्षण), झारखंड
• किरण पासी, निदेशक, समाज कल्याण निदेशालय, झारखंड
• सीता पुष्पा, अपर सचिव, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड
कोर्ट के इस निर्देश के बाद राज्य में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर सरकार की जिम्मेदारी और बढ़ गई है. अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कमेटी तय समय में क्या सिफारिशें पेश करती है और उन पर अमल कैसे होता है.