पाहन चयन को लेकर चर्चा
मुख्यमंत्री के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य गांव के नए पाहन के चयन को लेकर ग्रामीणों के साथ विचार-विमर्श करना है। ज्ञात हो कि नेमरा गांव के पूर्व पाहन श्याम लाल सोरेन के आकस्मिक निधन के बाद से यह पद रिक्त है। आदिवासी परंपराओं और सामाजिक व्यवस्था में पाहन का पद अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जो गांव के धार्मिक अनुष्ठानों और परंपराओं का निर्वहन करते हैं।
जिला के नेमरा गांव में संथाली समाज के पारंपरिक चुनाव के तहत नाइके बाबा (पाहन) का चयन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में संपन्न हुआ. मुख्यमंत्री ने चुनावी प्रक्रिया की अध्यक्षता करते हुए शुरू से अंत तक पूरी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाई.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने न केवल राज्य के मुखिया के रूप में, बल्कि अपने पैतृक गांव के संथाली समाज के मांझी हड़ाम के रूप में भी सामाजिक और धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया. सर्वसम्मति से चेतन टुडू को नाइके बाबा चुना गया. उन्हें पगड़ी और पारंपरिक हथियार पहनाकर विधिवत अभिनंदन किया गया और ग्राम देवताओं की पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन सौंपा गया.
बैठक के दौरान सीएम सोरेन ने ग्रामीणों और समाज के प्रबुद्ध जनों के साथ बैठकर परंपराओं के अनुसार नए पाहन के चयन की प्रक्रिया पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत को अच्छे से बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए रामगढ़ पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। हेलीपैड से लेकर कार्यक्रम स्थल तक भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। जिले के आला अधिकारी खुद सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे।
सुरक्षा को लेकर पुलिस तैनात
मुख्यमंत्री ने इस दौरान गांव के विकास कार्यों और स्थानीय समस्याओं पर भी ग्रामीणों से बात किए। अपने पैतृक गांव पहुंचने पर सीएम काफी सहज नजर आए और उन्होंने पुराने परिचितों से भी मुलाकात की।