Bokaro: बोकारो जिले के पेटरवार थाना क्षेत्र की पिछली दक्षिणी पंचायत अंतर्गत सुइयाडीह गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब गांव के बाहर एक अज्ञात शव मिलने की सूचना फैली। शव को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। इसी दौरान लोगों की नजर पास की एक इमारत पर पड़ी, जहां बड़े-बड़े प्लास्टिक के ड्रम, रसायन और शराब बनाने से जुड़ी सामग्री बिखरी हुई थी।
ग्रामीणों को शक हुआ कि यहां कुछ अवैध काम चल रहा है। बिना देर किए इसकी सूचना पुलिस को दी गई।
पुलिस पहुंची तो खुला बड़े खेल का पर्दाफाश
सूचना मिलते ही पेटरवार थाना और जरीडीह थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पहले अज्ञात शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इसके बाद जब टीम ने संदिग्ध भवन की तलाशी ली तो अंदर का नजारा देखकर सब हैरान रह गए।
कमरे में भारी मात्रा में प्लास्टिक ड्रम, शराब तैयार करने की सामग्री, नकली ब्रांडेड शराब की बोतलें, रैपर और पैकिंग सामग्री बरामद हुई। इससे साफ हो गया कि यहां बड़े पैमाने पर नकली विदेशी शराब तैयार की जा रही थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जैसे ही फैक्ट्री चलाने वालों को भनक लगी होगी, वे मौके से फरार हो गए।
चुनावी माहौल में फैक्ट्री पकड़े जाने से उठे सवाल
घटनास्थल के पास फुसरो नगर परिषद क्षेत्र है, जहां नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में अवैध शराब फैक्ट्री का पकड़ा जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जरूर चुनाव के दौरान मतदाताओं को लुभाने के लिए इस फैक्ट्री में शराब तैयार की जा रही थी। हालांकि पुलिस ने अभी इस एंगल की पुष्टि नहीं की है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसको लेकर चर्चा तेज है।
ग्रामीणों में आक्रोश, पुलिस पर मिलीभगत का आरोप
गांव के लोगों में इस मामले को लेकर भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि इतनी बड़ी फैक्ट्री बिना प्रशासन की जानकारी के नहीं चल सकती। लोगों ने इसे प्रशासनिक लापरवाही करार दिया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह फैक्ट्री कब से चल रही थी और पुलिस को इसकी जानकारी क्यों नहीं थी, इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।
फैक्ट्री संचालकों की गिरफ्तारी की मांग
पेटरवार थाना प्रभारी राजू मुंडा ने बताया कि पुलिस शव मिलने की सूचना पर पहुंची थी। तलाशी के दौरान अवैध शराब बनाने से जुड़ी सामग्री बरामद हुई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि फैक्ट्री किसके द्वारा संचालित की जा रही थी।
इलाके के लोगों ने मांग की है कि दोषियों की जल्द से जल्द पहचान कर गिरफ्तारी की जाए और इस अवैध कारोबार के पीछे के नेटवर्क का खुलासा किया जाए।
फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच में जुटी हुई है।