प्रेम और इबादत का संगम
बैठक को संबोधित करते हुए शांति समिति के सचिव मुख्तार आलम खान ने कहा कि होली रंगों, प्रेम और आपसी मेल-मिलाप का त्योहार है, वहीं रमजान इबादत, संयम और सेवा का संदेश देता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों पर्व समाज में एकता की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि किसी को रंगों से परेशानी हो, तो वे त्योहार के समय घरों में रहकर सहयोग करें ताकि किसी भी प्रकार का विवाद न हो।
प्रशासन की सख्त हिदायत और अपील
एसडीओ अर्णव मिश्रा ने स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध जनों से अपील की कि वे शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को बरकरार रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। रमजान के दौरान इफ्तार और नमाज के समय विशेष सहयोग और आपसी सम्मान बनाए रखने पर सहमति बनी। बैठक में यह संकल्प लिया गया कि क्षेत्र में किसी भी विवाद की स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी।
प्रबुद्ध जनों की भागीदारी
बैठक में डॉ. ताहिर हुसैन, हाजी रजी नौशाद, सरदार गुरुचरण सिंह, सुरेंद्र शर्मा और फरजाना शफी समेत कई गणमान्य लोगों ने अपने विचार साझा किए। सभी ने एक स्वर में प्रशासन को आश्वस्त किया कि क्षेत्र की जनता शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार मनाएगी। इस अवसर पर सोहेल अख्तर अंसारी, मो. मोइनुद्दीन अंसारी, फिरोज असलम और आयशा खान सहित अन्य सक्रिय सदस्य भी मौजूद रहे।