Adityapur News: आदित्यपुर नगर निगम चुनाव के करीब आते ही प्रचार अभियान ने हिंसक मोड़ लेना शुरू कर दिया है. शहर के विभिन्न वार्डों में महापौर और पार्षद पद के प्रत्याशियों के पोस्टर और बैनर फाड़े जाने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. चुनाव प्रचार के लिए लगाए गए प्रचार सामग्रियों को क्षतिग्रस्त किए जाने से चुनावी मैदान में उतरे उम्मीदवारों के बीच गहरा रोष देखा जा रहा है.
प्रतिद्वंद्वियों पर साजिश का आरोप
क्षतिग्रस्त पोस्टरों को लेकर प्रत्याशियों ने अपने प्रतिद्वंद्वियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उम्मीदवारों का कहना है कि रात के अंधेरे में पोस्टर और बैनर फाड़े जा रहे हैं. इस स्थिति के कारण कई वार्डों में तनाव का माहौल बन गया है. प्रचार अभियान को जारी रखने के लिए उम्मीदवार फिर से नई प्रचार सामग्री लगवा रहे हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है.
कांटे की टक्कर वाले वार्डों में अधिक विवाद
बैनर फाड़ने की सबसे अधिक घटनाएं उन वार्डों में देखी जा रही हैं, जहां मुकाबला त्रिकोणीय या कांटे की टक्कर वाला है. इन क्षेत्रों में प्रतिद्वंद्विता इस कदर बढ़ गई है कि वैचारिक बहस के बजाय अब जमीनी स्तर पर एक-दूसरे के प्रचार को बाधित करने की कोशिशें की जा रही हैं. शांतिपूर्ण चुनाव की अपील करने वाले प्रत्याशियों का मानना है कि कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर शहर की फिजा खराब करने की कोशिश कर रहे हैं.
आदित्यपुर में पोस्टर फाड़ने की घटनाएं न केवल चुनावी शुचिता का उल्लंघन हैं, बल्कि यह प्रत्याशियों के बीच बढ़ती हताशा को भी दर्शाती हैं. स्थानीय निकाय चुनावों में जब मुद्दे गौण होने लगते हैं, तब इस तरह की “पोस्टर पॉलिटिक्स” हावी हो जाती है. यह प्रवृत्ति शांतिपूर्ण मतदान के लिए भी खतरा पैदा कर सकती है, क्योंकि छोटे विवाद अक्सर मतदान के दिन बड़ी झड़पों में तब्दील हो जाते हैं. निर्वाचन अधिकारियों को ऐसे मामलों में आदर्श आचार संहिता के तहत सख्त रुख अपनाने की जरूरत है.