दीर्घकालिक सस्टेनेबिलिटी को मजबूती
मनोहर और श्रीदेवी लगभग नौ वर्ष के हैं और अपनी प्रजनन आयु के सर्वोत्तम चरण में हैं। चिड़ियाघर प्रबंधन को आशा है कि आने वाले वर्षों में यह जोड़ी सफलतापूर्वक प्रजनन करेगी, जिससे पार्क में शेरों की आबादी की आनुवंशिक विविधता और दीर्घकालिक सस्टेनेबिलिटी को मजबूती मिलेगी।
पशुओं के सुरक्षित और आरामदायक परिवहन के लिए डिज़ाइन किया गया
टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क की एक समर्पित टीम 11 फरवरी 2026 की दोपहर हैदराबाद के लिए दो विशेष रूप से तैयार किए गए वाहनों से रवाना हुई, जिन्हें पशुओं के सुरक्षित और आरामदायक परिवहन के लिए डिज़ाइन किया गया था। सभी आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया और स्वास्थ्य संबंधी औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद टीम ने वापसी यात्रा शुरू की और 16 फरवरी 2026 की आधी रात के आसपास शेरों को सुरक्षित रूप से जमशेदपुर ले आई।
पूरी परिवहन प्रक्रिया सेंट्रल जू ऑथोरिटी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप और विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की निगरानी में संपन्न की गई, ताकि पशुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके। वर्तमान में टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में तीन अफ्रीकी शेर हैं दो नर, जंबो और एड, तथा एक मादा, जोया — जिनकी आयु लगभग 14.5 वर्ष है।
ये शेर वर्ष 2012 में उस समय चिड़ियाघर लाए गए थे, जब वे केवल छह महीने के थे। तब से वे दर्शकों के लिए प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं। मनोहर और श्रीदेवी के आगमन के साथ, चिड़ियाघर अब एक युवा और आनुवंशिक रूप से सशक्त शेर आबादी विकसित करने की दिशा में अग्रसर है।
मानक प्राणी उद्यान प्रोटोकॉल के अनुसार, मनोहर और श्रीदेवी को अनिवार्य 40 दिनों की क्वारंटीन अवधि में रखा गया है। इस दौरान उनके स्वास्थ्य, आहार के अनुकूलन तथा नए वातावरण में सामंजस्य स्थापित करने की प्रक्रिया पर विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों द्वारा लगातार निगरानी रखी जाएगी। क्वारंटीन अवधि सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद शेरों को उनके निर्धारित बाड़ों में रखा जाएगा, और इसके बाद दर्शक इन शानदार शेरों का दीदार कर सकेंगे।
संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क द्वारा उठाए गए इस कदम से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि कंजर्वेशन ब्रीडिंग संरक्षण प्रजनन के प्रयासों को भी नई मजबूती मिलेगी। नए और युवा शेरों का आगमन शहर के वन्यजीव प्रेमियों और बच्चों के लिए शिक्षा और मनोरंजन का एक बेहतरीन अवसर लेकर आया है।