Hazaribagh News: हजारीबाग के एनटीपीसी के चट्टी बरियातू कोल माइंस इलाके में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनकी पत्नी पूर्व विधायक निर्मला देवी को पुलिस ने देर रात रिहा कर दिया है. गुरुवार दोपहर को हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच हुई इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया पूरी की और अंततः दोनों को छोड़ दिया गया.
कोयला उत्पादन ठप कराने का है आरोप
पूरा विवाद एनटीपीसी की कोयला खदान से जुड़ा है. बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्री योगेंद्र साव अपनी मांगों को लेकर पिछले 18 जनवरी से ही कोयला उत्पादन को प्रभावित कर रहे थे. स्थिति तब बिगड़ी जब 18 फरवरी को उन्होंने अपने समर्थकों के साथ मिलकर माइंस के कामकाज को पूरी तरह बंद करा दिया. एनटीपीसी की शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया, जिसके बाद एक बार फिर उत्पादन शुरू हो सका.
केरेडारी थाने ले गई थी पुलिस
तनावपूर्ण माहौल के बीच 19 फरवरी को एक बार फिर पूर्व मंत्री अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए और कोयले का उत्पादन रुकवा दिया. मौके पर मौजूद पुलिस बल ने कार्रवाई करते हुए योगेंद्र साव और निर्मला देवी को पकड़ लिया और केरेडारी थाना ले गई. पुलिस की इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई थी, लेकिन देर रात जैसे ही दोनों की रिहाई की खबर आई, समर्थकों ने राहत की सांस ली.