Dhanbad News: धनबाद के राजगंज इलाके में एक बार फिर अफवाह ने कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है. महतोटांड़ गांव में बीती रात बच्चा चोर होने के संदेह में ग्रामीणों ने एक युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी. पांच गांवों के सैकड़ों लोग हाथों में लाठी-डंडे, कुल्हाड़ी और तीर-धनुष लेकर सड़क पर उतर आए थे. सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह युवक को भीड़ के चंगुल से निकाला और अस्पताल पहुंचाया.
आधी रात को हरवे-हथियार के साथ निकले ग्रामीण
घटना की शुरुआत तब हुई जब ग्रामीणों ने रात के अंधेरे में तीन अनजान लोगों को गांव में घूमते देखा. देखते ही देखते “बच्चा चोर” का शोर मच गया और महतोटांड़, गरीबडीह, गंगापुर समेत आसपास के गांवों के लोग हथियारों के साथ बाहर निकल पड़े. ग्रामीणों को अपनी ओर आता देख तीनों संदिग्ध भागने लगे, जिनमें से एक को भीड़ ने गरीबडीह के पास दबोच लिया. इसके बाद गुस्साई भीड़ ने उस पर हमला कर दिया, जिससे युवक के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं.
पुलिस और मुखिया को झेलना पड़ा विरोध
महेशपुर पंचायत के मुखिया मनोज महतो ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को शांत करने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित ग्रामीण किसी की सुनने को तैयार नहीं थे. स्थिति बिगड़ती देख राजगंज थाना पुलिस दलबल के साथ पहुंची. भारी मशक्कत के बाद पुलिस ने युवक को भीड़ से अलग किया. घायल युवक को पहले थाने और फिर इलाज के लिए नर्सिंग होम ले जाया गया है. फिलहाल युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त लग रहा है और पुलिस को अपने बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं बता पा रहा है.
धनबाद की यह घटना दर्शाती है कि समाज में अफवाहें किस कदर हावी हैं. पुलिस के बार-बार जागरूक करने के बावजूद लोग कानून हाथ में ले रहे हैं. तीर-धनुष और कुल्हाड़ी जैसे घातक हथियारों के साथ भीड़ का इकट्ठा होना एक गहरी असुरक्षा और अविश्वास को दिखाता है. अगर पुलिस समय पर नहीं पहुंचती, तो यह मामला मॉब लिंचिंग जैसी बड़ी अनहोनी में बदल सकता था. ऐसे मामलों में केवल जागरूकता नहीं, बल्कि अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जरूरत है.