Jharkhand News: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक बेहद संवेदनशील पहल की घोषणा की है. मुख्यमंत्री ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार अब अंगदान (Organ Donation) को लेकर अपना खुद का प्रभावी कानून बनाएगी. उन्होंने तर्क दिया कि हालांकि केंद्र स्तर पर पहले से कानून मौजूद है, लेकिन उसके जमीनी नतीजे उतने प्रभावी नहीं रहे हैं. ऐसे में झारखंड सरकार एक ऐसा कानूनी ढांचा तैयार करेगी जिससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर अंग मिल सकें और उनकी जान बचाई जा सके.
मासूम बच्ची की मिसाल और मानवता का संदेश
अपनी बात रखते हुए मुख्यमंत्री ने दिल्ली की एक हृदयस्पर्शी घटना का जिक्र किया, जहां महज 10 महीने की एक बच्ची के माता-पिता ने उसकी मृत्यु के बाद अंग दान कर कई लोगों को नई जिंदगी दी थी. मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि जब बात जान बचाने की आती है, तो धर्म और जाति की सारी दीवारें गिर जाती हैं. उन्होंने अंगदान को इंसानियत की सबसे बड़ी मिसाल बताया और कहा कि सरकार न केवल कानून बनाएगी, बल्कि समाज में इस पुनीत कार्य के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए व्यापक अभियान भी चलाएगी.
झारखंड को 2050 तक देश के अग्रणी राज्यों में खड़ा करने का लक्ष्य
सदन में चर्चा के दौरान सीएम ने संसदीय गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि झारखंड विधानसभा में विपक्ष को अपनी बात रखने की पूरी आजादी है, जो हमारे लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाता है. राज्य के भविष्य पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार झारखंड को साल 2050 तक देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा करने के लक्ष्य पर काम कर रही है. उन्होंने भरोसा जताया कि विकास की इस रफ्तार को अब कोई रोक नहीं सकता और अंगदान पर बनने वाला नया कानून इसी दूरदर्शी सोच का हिस्सा है.
मुख्यमंत्री की यह घोषणा प्रशासनिक से ज्यादा मानवीय दृष्टिकोण वाली है. झारखंड जैसे राज्य में जहां स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर अक्सर चुनौतियां रहती हैं, वहां अंगदान के लिए अलग कानून बनना एक बड़ी उपलब्धि हो सकती है. यह न केवल चिकित्सा प्रणाली को व्यवस्थित करेगा, बल्कि “ब्रेन डेड” मामलों में अंगदान की प्रक्रिया को सरल बनाकर काले बाजार पर भी लगाम लगाएगा. 2050 का विजन पेश कर सीएम ने यह संकेत भी दिया है कि उनकी सरकार अब तात्कालिक समस्याओं के साथ-साथ भविष्य के दीर्घकालिक लक्ष्यों पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है.