Jharkhand: मौसम केंद्र रांची द्वारा प्रकाशित पहली गृह पत्रिका "झारखंड मौसम दर्पण" ने अपने पहले ही प्रयास में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। पत्रिका को हाल ही में दो अलग-अलग मंचों पर सम्मानित किया गया, जिससे मौसम केंद्र के अधिकारियों और कर्मचारियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है।
पूर्व, पूर्वोत्तर और उत्तरी क्षेत्रों के संयुक्त क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन में इस पत्रिका को विशेष पहचान मिली। 20 फरवरी को अगरतला में आयोजित इस सम्मेलन में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) की ओर से वर्ष 2024-25 के लिए "क" क्षेत्र कार्यालय (11 से 50 कार्मिकों की श्रेणी) में द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
रांची में भी मिला सम्मान
इसके अलावा 17 फरवरी को रांची में आयोजित नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (केंद्रीय कार्यालय) की 30वीं बैठक और चालू वित्तीय वर्ष की दूसरी छमाही की समीक्षा बैठक में भी मौसम केंद्र को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर "झारखंड मौसम दर्पण" के उत्कृष्ट प्रकाशन के लिए मौसम केंद्र रांची को तृतीय पुरस्कार दिया गया।
इस उपलब्धि ने पत्रिका से जुड़े संपादकीय दल और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाया है। उनका कहना है कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देगा।
आईएमडी के 150 वर्ष पूरे होने पर हुआ था विमोचन
बता दें कि "झारखंड मौसम दर्पण" का विमोचन 16 दिसंबर 2024 को किया गया था। यह कार्यक्रम मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान रांची के स्मार्ट सिटी सभागार में हुआ था।
इस मौके पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने पत्रिका का औपचारिक लोकार्पण किया था। पत्रिका का उद्देश्य मौसम से जुड़ी जानकारियों, शोध और गतिविधियों को आम लोगों तक सरल भाषा में पहुंचाना है।