श्रीलंका के डिप्टी विदेश मंत्री ने स्थानीय टेलीविज़न से बातचीत में बताया कि हिंद महासागर में ईरानी वॉरशिप पर हुए इस हमले में बड़ी संख्या में नाविक हताहत हुए हैं। बताया जा रहा है कि यह जहाज हाल ही में भारत के विशाखापत्तनम में आयोजित एक नौसैनिक कार्यक्रम में शामिल होकर वापस लौट रहा था।
जानकारी के अनुसार, आईआरआईएस डेना ईरान के दक्षिणी बेड़े का माउज क्लास फ्रिगेट था, जिस पर लगभग 180 नाविक सवार थे। श्रीलंका के रक्षा अधिकारियों के मुताबिक बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे गल्ले शहर से लगभग 40 नॉटिकल मील दूर जहाज से डिस्ट्रेस कॉल यानी मदद की पुकार भेजी गई।
इसके बाद श्रीलंका की नौसेना और वायुसेना ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया। शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया था कि 100 से अधिक नाविक लापता हैं और कई घायल हुए हैं। कुछ रिपोर्टों में 32 नाविकों की हालत गंभीर बताई गई है।
एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने कहा, “हमारे अनुमान के अनुसार जहाज पर लगभग 180 लोग सवार थे। दोपहर तक 100 से 150 लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही थी।” उन्होंने कहा कि बचाव अभियान अभी भी जारी है और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
बचाव टीमों ने अब तक 32 घायल नाविकों को समुद्र से निकालकर बचाया है। उन्हें गल्ले के करापिटिया टीचिंग हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने संसद में बताया कि यह जहाज श्रीलंका के क्षेत्रीय जल सीमा से बाहर, लेकिन देश के सर्च एंड रेस्क्यू जोन में डूबा। उन्होंने कहा, “अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार हमें जैसे ही मदद की पुकार मिली, हमने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया।”
फिलहाल इस घटना को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और चिंता बढ़ गई है, जबकि बचाव दल समुद्र में लापता नाविकों की तलाश में जुटे हुए हैं।