Jharkhand News: झारखंड सरकार ने लोकभवन के कामकाज को और अधिक सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने के लिए राज्यपाल सचिवालय के पुनर्गठन की अनुशंसा कर दी है. मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई प्रशासी पदवर्ग समिति की बैठक में इस महत्वपूर्ण निर्णय पर मुहर लगाई गई. इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य सचिवालय की कार्यक्षमता को बढ़ाना और डिजिटल युग की जरूरतों के अनुसार नई सेवाओं को जोड़ना है.
प्रशासी पदवर्ग समिति का बड़ा फैसला
इस उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव ने की, जिसमें विकास आयुक्त, कार्मिक सचिव, वित्त सचिव और योजना विकास सचिव बतौर सदस्य शामिल हुए. समिति ने व्यापक विचार-विमर्श के बाद लोकभवन के लिए कुल 122 विभिन्न पदों के सृजन का प्रस्ताव स्वीकृत किया है. इन पदों पर बहाली के बाद लोकभवन के प्रशासनिक और घरेलू प्रबंधन में बड़ी तब्दीली देखने को मिलेगी.
सोशल मीडिया और आईटी पर विशेष फोकस
बदलते दौर के साथ कदम मिलाते हुए अब राज्यपाल सचिवालय में भी सोशल मीडिया और आईटी विशेषज्ञों की भूमिका अहम होगी. नए पदों में एक “सोशल मीडिया कंसल्टेंट”, एक प्रोग्रामर और आईटी असिस्टेंट की बहाली का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा, जनसंपर्क विभाग को मजबूती देने के लिए जनसंपर्क अधिकारी, फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर के पद भी सृजित किए गए हैं.
सचिवालय से लेकर रसोई तक, इन पदों पर होगी नियुक्ति
प्रशासनिक पद: अपर सचिव (01), अवर सचिव (01), प्रशाखा पदाधिकारी (04), सहायक प्रशाखा पदाधिकारी (01).
विशेष कार्य पदाधिकारी (OSD): विश्वविद्यालय, राज्यपाल कोषांग और घरेलू स्थापना के लिए कुल 05 ओएसडी के पद.
सचिवालय सहायक व ऑपरेटर: 13 कंप्यूटर ऑपरेटर, 12 कनीय और 04 वरीय सचिवालय सहायक.
चिकित्सा एवं अन्य: चिकित्सा पदाधिकारी (01), दंत चिकित्सक (01), एएनएम (02) और फार्मासिस्ट (01).
घरेलू एवं प्रबंधन: भवन अधीक्षक (02), हेड कुक (02), कुक (08), माली (06) और 36 आदेशपालों की भर्ती होगी.
दुमका लोकभवन और अतिथि गृह के लिए भी पद
पुनर्गठन के इस प्रस्ताव में केवल रांची ही नहीं, बल्कि दुमका स्थित लोकभवन और “मदरा मुंडा अतिथिशाला” के प्रबंधन का भी ख्याल रखा गया है. दुमका लोकभवन के लिए अलग से भवन अधीक्षक और अतिथिशाला के लिए मैनेजर के पद की अनुशंसा की गई है. इसके साथ ही लाइब्रेरी के प्रबंधन के लिए एक लाइब्रेरियन की भी नियुक्ति की जाएगी.