Jharkhand News: झारखंड विधानसभा में पूछे गए एक तारांकित प्रश्न के जवाब में राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि 20 वर्ष की नियमित सेवा पूरी कर चुके प्रशिक्षित योग्यताधारी आरक्षियों को जल्द पदोन्नति मिल सकती है. यह जानकारी गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से सोमवार को विधानसभा में प्रस्तुत लिखित उत्तर में दी गई.
यह प्रश्न विधायक जिग्गा सुसारण सोरों द्वारा पूछा गया था. सरकार ने अपने जवाब में बताया कि वर्ष 2005 में नियुक्त योग्यताधारी आरक्षियों को पीटीसी प्रशिक्षण वर्ष 2021 में दिया गया था. पुलिस मुख्यालय द्वारा 20 दिसंबर 2019 को जारी निर्देश के आधार पर इन आरक्षियों को प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था.
10 वर्ष में पदोन्नति के प्रावधान पर भी दी गई जानकारी
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि योग्यताधारी प्रशिक्षण प्राप्त आरक्षियों को हर 10 वर्ष की सेवा के बाद पदोन्नति देने का प्रावधान है. इसी प्रक्रिया के तहत वर्ष 2023 में पुलिस मुख्यालय ने 2 फरवरी 2023 को जारी आदेश के माध्यम से 699 सादे आरक्षियों को सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) के पद पर नियमित रूप से पदोन्नत किया था.
इसके बाद वर्ष 2024 में भी बड़ी संख्या में पदोन्नतियां दी गईं। पुलिस मुख्यालय ने 3 अक्टूबर 2024 को जारी आदेश के तहत कुल 2713 सादे आरक्षियों को सहायक अवर निरीक्षक के पद पर पदोन्नति दी. विभाग के अनुसार इन पदोन्नत आरक्षियों में अधिकांश वे पुलिसकर्मी शामिल थे, जिनकी नियुक्ति वर्ष 2005 में हुई थी.
करीब 800 आरक्षियों को और मिल सकती है पदोन्नति
सरकार ने अपने जवाब में यह भी बताया कि जिन योग्यताधारी प्रशिक्षित आरक्षियों ने 20 वर्ष की नियमित सेवा पूरी कर ली है, लेकिन अभी तक पदोन्नति नहीं मिली है, उन्हें आने वाले समय में मौका मिल सकता है. विभागीय आकलन के मुताबिक लगभग 800 ऐसे आरक्षी हैं जिन्हें भविष्य में सहायक अवर निरीक्षक के पद पर पदोन्नत किए जाने की संभावना है.
गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने स्पष्ट किया कि पदोन्नति की प्रक्रिया विभागीय नियमों और उपलब्ध रिक्त पदों के आधार पर की जाती है. सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि आगे जब भी सहायक अवर निरीक्षक के पद खाली होंगे, तब योग्यताधारी प्रशिक्षित आरक्षियों को प्राथमिकता देकर पदोन्नति दी जा सकती है.
इस संबंध में गृह विभाग द्वारा जारी पत्र झारखंड विधानसभा को आवश्यक कार्रवाई और सूचना के लिए भेज दिया गया है. सरकार के इस जवाब के बाद लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे पुलिसकर्मियों में उम्मीद जगी है कि उन्हें भी जल्द पदोन्नति का लाभ मिल सकता है.