Jharkhand News: झारखंड सरकार प्रदेश में आपदा प्रबंधन और आग से सुरक्षा की व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठा रही है. गृह विभाग की नई योजना के अंतर्गत राज्य के 18 महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों पर नए फायर स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
प्राथमिकता के आधार पर अनुमंडलों का चयन
सरकार ने इस योजना के तहत प्राथमिक रूप से 10 अनुमंडलों को चिन्हित किया है जहां फायर स्टेशन बनाए जाने हैं. इन क्षेत्रों में पलामू का छतरपुर, गुमला के बसिया और चैनपुर, गोड्डा का महगामा, चतरा का सिमरिया, लातेहार का महुआटांड़, गढ़वा का रंका और गिरिडीह के खोरी-महुआ, डुमरी व बगोदर-सरिया शामिल हैं.
औद्योगिक और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
अनुमंडलों के अतिरिक्त सरकार उन क्षेत्रों पर भी ध्यान दे रही है जो औद्योगिक रूप से सक्रिय हैं या जहां आबादी का घनत्व अधिक है. इसके तहत जमशेदपुर के जुगसलाई व गोविंदपुर, धनबाद के कतरास व निरसा, रांची के खेलगांव व ओरमांझी, दुमका के जरमुंडी और देवघर एम्स परिसर में भी नए अग्निशमन केंद्र खोले जाएंगे.
भूमि आवंटन की प्रक्रिया में आ रही बाधाएं
दिसंबर 2023 से शुरू हुई इस विस्तार योजना की रफ्तार फिलहाल कुछ धीमी है, जिसका मुख्य कारण उपयुक्त जमीन के आवंटन में आ रही समस्याएं हैं. प्रस्तावित 18 स्थानों में से अब तक केवल सात जगहों यानी छतरपुर, जरमुंडी, बगोदर-सरिया, खेलगांव, ओरमांझी, महुआडांड़ और देवघर एम्स से ही जमीन संबंधी रिपोर्ट विभाग को मिल सकी है.
जिलाधिकारियों को तेजी से कार्य करने का निर्देश
शेष 11 स्थानों पर अब तक जमीन चिन्हित नहीं होने के कारण गृह विभाग ने संबंधित जिलों के उपायुक्तों को रिमाइंडर भेजा है. इसके तहत गुमला, गोड्डा, चतरा, गढ़वा, गिरिडीह, पूर्वी सिंहभूम और धनबाद के डीसी को निर्देश दिया गया है कि वे जल्द से जल्द भूमि आवंटन की रिपोर्ट उपलब्ध कराएं ताकि योजना को धरातल पर उतारा जा सके.