Jharkhand: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान ईचागढ़ की विधायक सविता महतो ने जनहित और सुरक्षा से जुड़े एक गंभीर मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। विधायक ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से सरकार का ध्यान कुकड़ू थाना भवन की ओर आकृष्ट किया, जो पिछले 10 साल से बनकर तैयार है, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण आज भी सफेद हाथी साबित हो रहा है।आज तक उसका उपयोग नहीं किया जा रहा है।
इस संबंध में पूछे गए प्रश्न के जवाब में सरकार की ओर से जानकारी दी गई कि गृह विभाग की अधिसूचना संख्या–4245 दिनांक 10 जुलाई 2010 तथा अधिसूचना संख्या–14/डी.एस. दिनांक 28 फरवरी 2009 के तहत सरायकेला-खरसावां जिले के तिरुलडीह को नए थाना के रूप में अधिसूचित किया गया था। इसके अंतर्गत तिरुलडीह, चौड़ा, कुकड़ू, ईचाडीह और लेटेमदा पंचायत को शामिल किया गया है।
सरकार ने बताया कि
सरकार ने बताया कि बाद में गृह विभाग की अधिसूचना संख्या–3535 दिनांक 5 सितंबर 2009 के तहत कुकड़ू थाना को बी श्रेणी के थाना के रूप में अधिसूचित किया गया, जिसमें तिरुलडीह थाना के उक्त पांच पंचायतों को शामिल किया गया।तिरुलडीह और कुकड़ू थाना का कार्यक्षेत्र समान रहने के कारण तिरुलडीह थाना 1 जुलाई 2009 से पूर्ण रूप से कार्यरत है, लेकिन कुकड़ू थाना के लिए अलग से कार्यक्षेत्र निर्धारित नहीं होने के कारण वहां थाना संचालन शुरू नहीं हो सका है।
कुकड़ू में बने थाना भवन का अब तक उपयोग नहीं
इसी कारण कुकड़ू में बने थाना भवन का अब तक उपयोग नहीं किया जा रहा है। वहीं 14 जून 2019 को कुकड़ू हाट में हुए नक्सली हमले में दो एस आई जवान सहित पांच पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। सरकार ने यह भी बताया कि ईचागढ़ के मिलन चौक क्षेत्र में वर्ष 2023 से 2025 तक नक्सली या बैंक डकैती की कोई घटना दर्ज नहीं हुई है, हालांकि वर्ष 2025 में चोरी की तीन घटनाएं हुई हैं।