जानकारी के अनुसार हरियाणा में निर्माण कार्य के दौरान अचानक मिट्टी धंसने से मजदूर मलबे में दब गए। इस हादसे में सात मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूर घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है और मलबे में दबे मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इस हादसे में झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के जादूगोड़ा क्षेत्र के बनगोड़ा गांव के मजदूर भी शामिल थे। बनगोड़ा गांव से काम के लिए गए सात मजदूरों में से चार मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों में धनंजय महतो, भागीरथ गोप, संजीत गोप उर्फ दुलाल और मंगल महतो शामिल हैं। एक ही गांव के चार लोगों की मौत से पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
वहीं सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ क्षेत्र के भी मजदूर इस हादसे का शिकार हुए हैं। ईचागढ़ के बुरुहातू गांव निवासी शिव शंकर सिंह मुंडा और हुड़ी गांव निवासी परमेश्वर महतो की भी इस हादसे में मौत हो गई। दोनों की मौत की खबर मिलते ही गांव में मातम छा गया और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
ग्रामीणों के अनुसार सभी मजदूर टुसू पर्व मनाने के बाद काम की तलाश में दिल्ली गए थे। वहां से उन्हें हरियाणा में काम के लिए ले जाया गया था। बताया जा रहा है कि सभी मजदूर दुर्गा पूजा के समय घर लौटने की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले ही यह दुखद खबर आ गई। मृतकों के छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनके सिर से अचानक पिता का साया उठ गया।
परिजनों और ग्रामीणों ने कंपनी पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मजदूरों से बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के जमीन के अंदर काम कराया जा रहा था, जिसके कारण यह बड़ा हादसा हुआ। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि मृतकों के शव जल्द से जल्द उनके गांव लाने की व्यवस्था की जाए और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।
फिलहाल घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य जारी है और मलबे में दबे अन्य मजदूरों को निकालने की कोशिश की जा रही है। हादसे की खबर से पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां के गांवों में शोक का माहौल बना हुआ है।