Jharkhand Vidhansabha: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में झरिया विधायक रागिनी सिंह ने धनबाद की स्वास्थ्य व्यवस्था का गंभीर मुद्दा उठाया. उन्होंने शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज (SNMMCH) परिसर में बने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के वर्षों से बंद होने पर सरकार को घेरा. विधायक ने कहा कि जनता के 167 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी यह अस्पताल केवल एक शोपीस बनकर रह गया है.
करोड़ों की लागत और आधुनिक तकनीक भी बेकार
सदन में जानकारी दी गई कि 2016 में केंद्र सरकार की योजना से इस 200 बेड वाले अस्पताल का निर्माण हुआ था. इसमें 80 करोड़ रुपये भवन पर और 87 करोड़ रुपये आधुनिक मशीनों व उपकरणों पर खर्च हुए. अस्पताल में 8 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, 40 आईसीयू बेड और रेडियोलॉजी जैसी हाई-टेक सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन संचालन न होने से ये सब धूल फांक रही हैं.
मरीजों की जान पर भारी पड़ रही प्रशासनिक लापरवाही
रागिनी सिंह ने कहा कि अस्पताल शुरू न होने का सबसे ज्यादा खामियाजा गरीब मरीजों को भुगतना पड़ रहा है. कैंसर, हार्ट और न्यूरो जैसी गंभीर बीमारियों के लिए धनबाद के लोगों को आज भी रांची या कोलकाता भागना पड़ता है. कई बार लंबे सफर और आर्थिक तंगी के कारण मरीज समय पर इलाज नहीं करा पाते, जिससे उनकी जान तक चली जाती है.
सरकार से जवाबदेही और जल्द संचालन की मांग
विधायक ने सरकार से सवाल किया कि सब कुछ तैयार होने के बावजूद देरी क्यों हो रही है. उन्होंने मांग की कि सरकार अस्पताल खोलने की एक निश्चित तारीख बताए और जल्द से जल्द विशेषज्ञ सेवाएं शुरू करे. साथ ही, उन्होंने इस बड़ी लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की भी अपील की.