Dhanbad News: धनबाद के कोयलांचल इलाके में आतंक का पर्याय बने भगोड़े अपराधी हैदर अली उर्फ प्रिंस खान के गिरोह को पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा झटका दिया है. गिरोह के मास्टरमाइंड और उसके सबसे करीबी सहयोगी सैयद अब्बास नकवी उर्फ सैफी उर्फ मेजर की गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं. पुलिस पूछताछ में मेजर ने न केवल गिरोह के काम करने के तरीके का पर्दाफाश किया, बल्कि कई बड़े अपराधों और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जानकारी दी है.
पाकिस्तान कनेक्शन और आतंकी संगठन से जुड़ाव
पूछताछ के दौरान मेजर ने बताया कि दुबई में दबाव बढ़ने के बाद प्रिंस खान अवैध रूप से पाकिस्तान भाग गया है. वहां वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के संपर्क में है और उनसे जुड़ चुका है. उसने यह भी खुलासा किया कि प्रिंस खान ने एक पाकिस्तानी नौकरानी की मदद से वहां शरण ली है, जिससे उसका नेटवर्क और मजबूत हुआ.
मेजर था गिरोह का दिमाग
गिरोह के संचालन में मेजर की भूमिका बेहद अहम थी. प्रिंस खान और उसके परिवार के कम पढ़े-लिखे होने के कारण पूरा तकनीकी और वित्तीय काम मेजर ही संभालता था. वह वर्चुअल नंबर के जरिए रंगदारी की धमकियां दिलवाता था और हवाला, बिटकॉइन तथा बैंक खातों के जरिए पैसे ट्रांसफर करता था. पुलिस को ऐसे 100 से ज्यादा बैंक खातों की जानकारी मिली है, जिनका इस्तेमाल अवैध लेन-देन में किया गया.
मीडिया और प्रभावशाली लोगों का समर्थन
मेजर ने यह भी बताया कि गिरोह ने व्यवसायियों में डर फैलाने के लिए कुछ मीडिया कर्मियों और प्रभावशाली लोगों का सहारा लिया. ये लोग आर्थिक लाभ के बदले गैंग की मदद करते थे. पुलिस अब इन सफेदपोश सहयोगियों की भी गहराई से जांच कर रही है.
कई चर्चित हत्याकांडों का खुलासा
पूछताछ में कई बड़े मामलों से पर्दा उठा है. नन्हें खान की हत्या की साजिश दुबई में रची गई थी, जबकि 2023 में हुए उपेंद्र सिंह हत्याकांड में उसकी पत्नी की संलिप्तता सामने आई है. इसके अलावा 2018 में रंजीत सिंह और 2021 में लाला खान पर हमलों में भी गैंग की भूमिका सामने आई है. शाही दरबार रेस्टोरेंट, मॉडर्न टायर और क्लीनिक लैब पर हुई फायरिंग की घटनाओं में भी मेजर के शामिल होने की पुष्टि हुई है.
गिरोह में दरार और अलग गैंग की शुरुआत
मेजर ने पुलिस को बताया कि प्रिंस खान के फैसलों से असंतुष्ट होकर उसने 2025 से अपना अलग गिरोह बनाना शुरू कर दिया था. प्रिंस खान ने मेजर की जगह अपने रिश्तेदार आदिल को तरजीह देना शुरू कर दिया था, जिससे दोनों के बीच मनमुटाव बढ़ गया और गैंग में दरार आ गई.
डर, नशा और कमजोर होता नेटवर्क
मेजर के अनुसार प्रिंस खान बेहद डरपोक है और नशे का आदी हो चुका है. 2023 में जेल के अंदर अमन सिंह की हत्या की खबर सुनकर वह दुबई में डर के मारे बेहोश हो गया था. पुलिस की लगातार कार्रवाई के कारण अब उसे नए शूटर भी नहीं मिल रहे हैं. वह भोले-भाले युवाओं को पैसों का लालच देकर अपराध करवाता है और बाद में उन्हें छोड़ देता है.
पुलिस की आगे की कार्रवाई
फिलहाल गिरोह का संचालन दुबई से उसके करीबी लोग कर रहे हैं, लेकिन पुलिस अब तेजी से शिकंजा कस रही है. मेजर द्वारा बताए गए बैंक खातों, जमीन निवेश और सहयोगियों की जांच जारी है. आने वाले समय में गिरोह के अन्य सदस्यों और मददगारों के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई होने की संभावना है.