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  • 2026-03-15

Jamshedpur News: गैस की कमी से अस्पतालों में बदली रसोई व्यवस्था, कोयले के चूल्हे पर बन रहा मरीजों का खाना

Jamshedpur News: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध का असर अब झारखंड के अस्पतालों तक भी पहुंचने लगा है. गैस की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण अस्पतालों में मरीजों के लिए भोजन तैयार करने में दिक्कतें आने लगी हैं. जमशेदपुर के परसुडीह स्थित सदर अस्पताल में शुक्रवार को गैस खत्म होने के बाद मरीजों का खाना कोयले के चूल्हे पर बनाना पड़ा.


अस्पताल प्रबंधन के अनुसार कैंटीन में इस्तेमाल होने वाली गैस गुरुवार शाम को पूरी तरह खत्म हो गई थी. इसके बाद कर्मचारियों ने रात में ही अस्पताल परिसर के बाहर अस्थायी तौर पर बड़ा कोयले का चूल्हा तैयार किया. शुक्रवार सुबह से इसी चूल्हे पर मरीजों के लिए नाश्ता और दोपहर का भोजन बनाया गया.


हालांकि कोयले के चूल्हे पर खाना बनने में ज्यादा समय लगता है, जिसके कारण मरीजों को नाश्ता और भोजन मिलने में देरी हुई.

कोयले के चूल्हे पर बनाई जा रही बड़ी मात्रा में खाना
अस्पताल परिसर के बाहर बड़े आकार का चूल्हा बनाया गया है, ताकि एक साथ ज्यादा लोगों के लिए भोजन तैयार किया जा सके. कैंटीन कर्मचारियों का कहना है कि गैस की कमी के कारण फिलहाल यही व्यवस्था करनी पड़ रही है.

सदर अस्पताल में हर दिन लगभग 100 से 150 मरीजों के लिए नाश्ता और खाना तैयार किया जाता है. ऐसे में अचानक गैस खत्म होने से अस्पताल प्रबंधन के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई थी. मरीजों को भोजन से वंचित न रहना पड़े, इसलिए कर्मचारियों ने रात में ही कोयले का चूल्हा तैयार कर दिया.

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि देरी के बावजूद कोशिश की जा रही है कि सभी मरीजों को नियमित रूप से भोजन उपलब्ध कराया जाए.

मरीजों और परिजनों को करना पड़ा इंतजार
खाना तैयार होने में अधिक समय लगने के कारण कई मरीजों और उनके परिजनों को नाश्ता और दोपहर का भोजन पाने के लिए इंतजार करना पड़ा. अस्पताल में भर्ती कई मरीज पूरी तरह अस्पताल की भोजन व्यवस्था पर निर्भर रहते हैं, इसलिए समय पर भोजन मिलना उनके लिए जरूरी होता है.

अस्पताल में भर्ती मरीज मनीष कुमार ने बताया कि सुबह का नाश्ता देर से मिला. उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए समय पर भोजन मिलना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि हर कोई बाहर से खाना मंगाने की स्थिति में नहीं होता.

वहीं एक अन्य मरीज सोमन कुमार ने बताया कि दोपहर का खाना भी थोड़ा देर से मिला. उन्होंने कहा कि गैस की समस्या समझ में आती है, लेकिन अस्पताल को जल्द समाधान निकालना चाहिए.

एमजीएम अस्पताल में भी बढ़ी चिंता
जमशेदपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम में भी गैस की कमी को लेकर चिंता बढ़ने लगी है. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार फिलहाल वहां सिर्फ तीन दिन का गैस स्टॉक ही बचा हुआ है. यदि जल्द नई आपूर्ति नहीं हुई तो वहां भी मरीजों के भोजन की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है.

उधर शहर के कई निजी अस्पतालों ने भी गैस की संभावित कमी को लेकर चिंता जताई है. कई अस्पतालों ने पहले से ही वैकल्पिक इंतजाम करने की तैयारी शुरू कर दी है, ताकि गैस खत्म होने की स्थिति में मरीजों की भोजन व्यवस्था बाधित न हो.

क्या कहते हैं कैंटीन मैनेजर
सदर अस्पताल के कैंटीन मैनेजर ओंकार प्रसाद ने बताया कि गैस की कमी के कारण फिलहाल कोयले के चूल्हे पर खाना बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सिविल सर्जन से बात कर जल्द गैस उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जाएगा, ताकि मरीजों को समय पर भोजन मिल सके और अस्पताल की व्यवस्था फिर से सामान्य हो सके.

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