Jharkhand Crime News: रांची और धनबाद पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में कुख्यात प्रिंस खान गिरोह को करारा झटका लगा है. पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में गिरोह के तीन अपराधी घायल हुए हैं, जिसके बाद इस कुख्यात का डरा हुआ चेहरा सामने आया है. इस हालिया घटनाक्रम के बाद झारखंड का यह सबसे बड़ा सिरदर्द यानी प्रिंस खान काफी घबराया हुआ नजर आ रहा है. वासेपुर की तंग गलियों से अपराध की दुनिया में कदम रखने वाला यह अपराधी अब विदेशी धरती से राज्य के व्यापारियों को डरा रहा है.
दुबई और पाकिस्तान से संचालित हो रहा है आतंक का नेटवर्क
प्रिंस खान का आतंक अब केवल धनबाद तक सीमित नहीं है. वह कभी दुबई तो कभी पाकिस्तान जैसे देशों में छिपकर अपना गिरोह चला रहा है. वहां बैठकर वह वर्चुअल नंबरों के जरिए रांची, बोकारो, जमशेदपुर और पलामू के बड़े कारोबारियों को “खोपड़ी खोल देने” जैसी खौफनाक धमकियां देता है. हाल ही में रांची एयरपोर्ट रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में हुई गोलीबारी ने यह साबित कर दिया है कि वह दूर बैठकर भी झारखंड की कानून व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश कर रहा है.
विधानसभा में गूंजा मुद्दा: सरकार ने कहा- चुन-चुनकर मारे जा रहे गुर्गे
प्रिंस खान का खौफ इस कदर बढ़ गया है कि शनिवार को झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में भी इसकी गूंज सुनाई दी. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सदन में सवाल उठाया कि कैसे एक अपराधी विदेश में बैठकर वसूली का साम्राज्य चला रहा है. इस पर सरकार की ओर से मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कड़ा जवाब देते हुए कहा कि प्रिंस खान के प्रत्यर्पण (Extradition) के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है. सरकार ने साफ किया कि उसके गुर्गों के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी है और उन्हें चुन-चुनकर खत्म किया जा रहा है.
उद्यमियों और व्यापारियों के निशाने पर प्रिंस खान का गैंग
झारखंड के उद्योगपति और कोयला कारोबारी वर्तमान में इस गैंग के सबसे बड़े निशाने पर हैं. प्रिंस खान के नाम से उसके गुर्गे और शूटर लगातार रंगदारी के लिए फायरिंग और धमकी भरी कॉल कर रहे हैं. हालांकि, पुलिस के ताजा एनकाउंटर और सरकार के सख्त रुख से यह स्पष्ट हो गया है कि कानून का शिकंजा अब इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह पर कसता जा रहा है. पुलिस अब उन स्थानीय संपर्कों को खंगाल रही है जो विदेश में बैठे प्रिंस खान को रसद और सूचनाएं पहुंचा रहे हैं.