Jamshedpur News: जमशेदपुर टाटा मोटर्स के कंवाई चालकों का धरना लगातार 2024 से जारी है, चालक संगठन मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी की मांग को ले कर काफी दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहा है लेकिन अभी तक उनकी मांगों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
मात्र 370 रूपए में करवाया जाता है 24 घंटे काम
मजदूर प्रतिनिधि ज्ञान सागर प्रसाद ने कहा कि कंवाई चालक पिछले कई वर्षों से न्यूनतम मजदूरी, 8 घंटे से अधिक काम के लिए अतिरिक्त भुगतान, इंश्योरेंस, बोनस, बैंक के माध्यम से वेतन भुगतान और पीएफ जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि लेकिन चालकों को मात्र 370 रुपये में 24 घंटे तक काम कराया जाता है, जो श्रम कानूनों के खिलाफ बताया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कंवाई चालक संगठन ने इन मुद्दों को लेकर आवाज उठाई है और लोकतांत्रिक तरीके से धरना प्रदर्शन कर रहा है। उनका सवाल है कि जब मजदूर अपने अधिकारों की मांग करते हैं तो क्या इसे गलत ठहराया जा सकता है?
ज्ञान सागर प्रसाद ने यह भी कहा कि 2001 में सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा दिए गए एक आदेश में यह कहा गया था कि कंवाई चालक टाटा मोटर्स के मजदूर नहीं हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि वे आखिर किसके मजदूर हैं। उनका आरोप है कि इसी अस्पष्ट स्थिति का फायदा उठाकर टाटा मोटर्स प्रबंधन 2001 से लगातार चालकों से काम ले रहा है।
उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर डीसी न्यायालय में केस संख्या 135/2022-23 भी लंबित है, लेकिन अब तक इस पर फैसला नहीं आया है।
मजदूर प्रतिनिधि का कहना है कि कंवाई चालक 1970 से न्याय के लिए भटक रहे हैं और आज भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा करना अपने आप में एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब दूसरे इलाकों में मजदूरों के शोषण के मुद्दे विधानसभा में उठाए जाते हैं, तो क्या जमशेदपुर के कंवाई चालकों की समस्याएं किसी को दिखाई नहीं देतीं।
फिलहाल कंवाई चालक संगठन का धरना जारी है और चालक अपने अधिकारों को लेकर न्याय की मांग कर रहे हैं।