Jharkhand News: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक बार फिर संवेदनशीलता दिखाते हुए गढ़वा जिले के एक गंभीर रूप से बीमार बच्चे के इलाज के लिए तुरंत मदद सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. मामला 13 वर्षीय एक बच्चे का है, जो पिछले कई महीनों से कैंसर से लड़ रहा है और आर्थिक तंगी के कारण उसका इलाज रुकने की स्थिति में पहुंच गया था.
गरीबी और बीमारी ने परिवार को तोड़ा
गढ़वा जिले के श्रवण चौधरी दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं. लेकिन बेटे की बीमारी ने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी. करीब 6 से 7 महीने पहले उनके इकलौते बेटे बबी पटेल में कैंसर की पुष्टि हुई. इसके बाद इलाज के लिए परिवार ने अपनी सारी जमा पूंजी खर्च कर दी. हालात ऐसे बने कि जमीन और घर के जेवर तक बेचने पड़े. लगातार चल रही कीमोथेरेपी और महंगी दवाइयों के कारण परिवार पूरी तरह आर्थिक संकट में आ गया और आगे
इलाज जारी रखना मुश्किल हो गया
सोशल मीडिया से उठी आवाज, सरकार तक पहुंची बात.
परिवार की इस परेशानी को स्थानीय स्तर पर सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किया गया. मामला तेजी से लोगों तक पहुंचा और आखिरकार मुख्यमंत्री तक भी इसकी जानकारी पहुंची. बच्चे की गंभीर स्थिति और परिवार की बेबसी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तुरंत संज्ञान लिया.
प्रशासन को सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गढ़वा जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि इस मामले में बिना देरी किए कार्रवाई की जाए. उन्होंने उपायुक्त को निर्देश दिया कि पीड़ित परिवार से तुरंत संपर्क कर बच्चे के इलाज के लिए हर संभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाए. साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि किसी भी स्तर पर इलाज में बाधा न आए.
सरकारी योजनाओं से मिल सकती है राहत
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं और राहत कोष बड़ी मदद साबित हो सकते हैं. समय पर हस्तक्षेप होने से गंभीर बीमारियों का इलाज जारी रखना आसान हो जाता है और मरीज को नई उम्मीद मिलती है.
उम्मीद जगी, इलाज फिर शुरू होने की संभावना
सरकार के त्वरित कदम के बाद अब परिवार को राहत की उम्मीद है. अगर प्रशासनिक स्तर पर निर्देशों का तेजी से पालन होता है, तो बच्चे का इलाज दोबारा सुचारु रूप से शुरू हो सकता है. यह पूरा मामला बताता है कि समय पर लिया गया फैसला किसी जरूरतमंद के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है.