Seraikela News: सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड कार्यालय सभागार में गुरुवार को राजनीतिक हलचल तेज रही. यहां प्रखंड प्रमुख आरती हांसदा के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर निर्णायक मतदान हुआ. अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अभिनव प्रसाद की सीधी निगरानी में आयोजित इस प्रक्रिया में कुल 24 पंचायत समिति सदस्यों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. मतदान के परिणामों ने साफ कर दिया कि प्रमुख ने सदन का विश्वास खो दिया है. कुल 22 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान कर आरती हांसदा को पद से हटाने की मुहर लगा दी, जबकि केवल 2 सदस्यों का समर्थन ही उनके पक्ष में रहा.
आरती हांसदा की सदस्यता समाप्त, नए चुनाव की तैयारी
भारी बहुमत से अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के साथ ही आरती हांसदा की प्रखंड प्रमुख पद की सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त हो गई है. इस संवैधानिक प्रक्रिया के संपन्न होने के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर आगे की औपचारिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है. अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रसाद ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि "नियमों के तहत अब नए प्रखंड प्रमुख के चयन के लिए निर्वाचन प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी." उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मतदान के दौरान प्रखंड कार्यालय परिसर में शांति और सुरक्षा के बेहद पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे, ताकि प्रक्रिया में कोई व्यवधान न आए.
विकास में बाधा और पद के दुरुपयोग का आरोप
अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में लामबंद हुए सदस्यों ने अपनी जीत पर संतोष व्यक्त किया है. विद्रोही खेमे के सदस्यों का कहना है कि प्रखंड प्रमुख के खिलाफ यह कदम उठाना क्षेत्र के हित में अनिवार्य हो गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि "निवर्तमान प्रमुख अपने पद और शक्तियों का सही ढंग से उपयोग नहीं कर रही थीं, जिससे राजनगर प्रखंड के विकास कार्यों की गति धीमी पड़ गई थी." सदस्यों ने उम्मीद जताई है कि अब नए नेतृत्व के आने से विकास योजनाओं को नई रफ्तार मिलेगी और जनसमस्याओं का समय पर निस्तारण सुनिश्चित हो सकेगा.