Mango Flyover Jamshedpur: जमशेदपुर वासियों को भीषण जाम से मुक्ति दिलाने के लिए बन रहे 252 करोड़ रुपये के मानगो फ्लाई ओवर प्रोजेक्ट ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है. संवेदक दिनेश आर अग्रवाल के प्रतिनिधि के अनुसार, फ्लाई ओवर और पुल के भार को संभालने वाले सभी 57 पिलरों का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है. वर्तमान में निर्माण की गति को देखते हुए अब स्वर्णरेखा नदी पर मुख्य पुल को अंतिम रूप देने से पहले मानगो गोलचक्कर के पास के हिस्से को प्राथमिकता के आधार पर तैयार किया जा रहा है ताकि यातायात प्रबंधन को जल्द सुगम बनाया जा सके.
मानगो गोलचक्कर पर स्लैब बिछाने की प्रक्रिया तेज
परियोजना में आए ताजा बदलाव के तहत अब मानगो चौक पर फ्लाई ओवर निर्माण को पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. मंगलवार की रात से ही मानगो गोलचक्कर के पिलरों पर स्लैब और गर्डर लगाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है. चूंकि डिमना रोड से आने वाले चार लेन और आजादनगर रोड से आने वाले दो लेन के फ्लाई ओवर इसी गोलचक्कर के ऊपर से गुजरेंगे, इसलिए इस जंक्शन का निर्माण सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है. ब्लू बेल्स स्कूल से लेकर नदी के दूसरे छोर तक फ्लाई ओवर अब पूरी तरह अपना आकार ले चुका है.
जुलाई तक प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य
निर्माण कंपनी ने स्पष्ट किया है कि मानगो फ्लाई ओवर का पूरा काम जुलाई 2026 तक संपन्न कर लिया जाएगा. न्यू पुरुलिया रोड की ओर जाने वाले हिस्से के लिए भी 14 पिलरों का काम पूरा हो चुका है. वर्तमान में वर्कर्स फ्लैट की ओर दिन-रात शिफ्टों में काम चल रहा है ताकि मानसून से पहले मुख्य ढांचे को मजबूती दी जा सके. 2.2 किलोमीटर लंबे इस फ्लाई ओवर के चालू होते ही मानगो डिमना रोड पर चार लेन की आवाजाही शुरू हो जाएगी, जिससे साकची और बिष्टूपुर जाने वाले लाखों लोगों का सफर काफी आसान हो जाएगा.
जाम की समस्या का होगा स्थायी समाधान
इस फ्लाई ओवर के बन जाने से मानगो के उन हजारों निवासियों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी जो वर्षों से घंटों जाम में फंसने को मजबूर थे. डिमना रोड पर फोरलेन व्यवस्था से आने-जाने दोनों की सुविधा होगी, जबकि न्यू पुरुलिया रोड वाला हिस्सा फिलहाल दो लेन का रखा गया है. स्थानीय प्रशासन यातायात की स्थिति को देखते हुए भविष्य में इन लेन के उपयोग पर अंतिम निर्णय लेगा. फिलहाल पिलरों का काम पूरा होने और स्लैब बिछाने की शुरुआत से शहरवासियों में यह उम्मीद जगी है कि अब उनके "फर्राटा भरने" का इंतजार खत्म होने वाला है.