Jharkhand News: झारखण्ड हाई कोर्ट में सरहुल पर्व के आयोजन से जुड़े भूमि विवाद के मामले में सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत ने अहम निर्देश जारी किए. रिट याचिका संख्या 1868/2026 पर सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ता को चांडिल के एसडीएम के समक्ष उपस्थित होकर जमीन के स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. मामला चांडिल थाना क्षेत्र के सहरबेड़ा गांव स्थित प्लॉट संख्या 395, 397, 403 और 404 की करीब 7.5 एकड़ भूमि से जुड़ा है.
प्रशासन पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
याचिकाकर्ता सूर्य पद महतो ने अदालत को बताया कि वर्ष 2024 से कुछ लोग सरहुल पर्व के आयोजन के नाम पर इस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस संबंध में एसडीएम, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और आयुक्त को कई बार आवेदन देने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा उन्हें एक पत्र के माध्यम से कार्यालय में बुलाया गया था, लेकिन उसमें बुलाने का कारण स्पष्ट नहीं किया गया था. साथ ही प्रशासन द्वारा दंड प्रक्रिया संहिता की सेक्शन 144 कोड ऑफ़ क्रिमिनल प्रोसीजर के तहत नोटिस जारी किए जाने का भी जिक्र किया गया.
दस्तावेज साबित होने पर संपत्ति की सुरक्षा का निर्देश
अदालत ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता उसी दिन दोपहर 3 बजे चांडिल के एसडीएम के समक्ष उपस्थित होकर भूमि स्वामित्व से जुड़े सभी दस्तावेज प्रस्तुत करें. अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि दस्तावेजों से प्रथम दृष्टया जमीन का स्वामित्व प्रमाणित होता है, तो संबंधित एसडीएम की जिम्मेदारी होगी कि वे याचिकाकर्ता की संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करें. निर्देश जारी करते हुए अदालत ने याचिका का निष्पादन कर दिया। मामले में याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अखिलेश कुमार श्रीवास्तव और अधिवक्ता नेहा अग्रवाल ने अदालत में पक्ष रखा.