BREAKING: सरायकेला भू-अर्जन विभाग के बड़ा बाबू प्रीतम आचार्य सोमवार को उपायुक्त (DC) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल थे. इसी बीच उनके मोबाइल पर एक कॉल आई, जिसके बाद वे मीटिंग बीच में ही छोड़कर बाहर निकल गए. पहले से घात लगाए बैठी जमशेदपुर एसीबी की टीम ने उन्हें कथित रूप से रिश्वत के पैसों का लेनदेन करते हुए रंगे हाथों दबोच लिया. अधिकारी की इस तरह गिरफ्तारी देख समाहरणालय परिसर में हड़कंप मच गया.
गम्हरिया से दलाल भी दबोचा गया
इसी कार्रवाई की दूसरी कड़ी में एसीबी ने गम्हरिया प्रखंड कार्यालय परिसर से विनय तिवारी नामक एक दलाल को भी गिरफ्तार किया. विनय अपनी बोलेरो गाड़ी में बैठकर इत्मीनान से पैसे गिन रहा था, तभी एसीबी की टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया. बताया जा रहा है कि विनय और प्रीतम आचार्य एक ही बड़े भ्रष्टाचार के नेटवर्क का हिस्सा हैं, जो जमीन के मुआवजे और एनओसी (NOC) के नाम पर मोटी रकम वसूल रहे थे.
40 लाख की डील, 5 लाख की पहली किस्त
सूत्रों के हवाले से खबर है कि यह पूरा मामला जमीन के एक बड़े सौदे से जुड़ा है, जिसमें कुल 40 लाख रुपये की डील तय हुई थी. सोमवार को इस सौदे की पहली किस्त के रूप में करीब 5 लाख रुपये का भुगतान किया जाना था. हालांकि, एसीबी ने अभी तक बरामद रकम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन चर्चा है कि यह जिले के अब तक के सबसे बड़े रिश्वत कांडों में से एक हो सकता है.
भ्रष्टाचार के नेटवर्क पर नजर
गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम दोनों आरोपियों को गुप्त स्थान पर ले जाकर पूछताछ कर रही है. जांच का दायरा अब भू-अर्जन विभाग के अन्य कर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों तक भी पहुँच सकता है. आम जनता इस कार्रवाई से काफी खुश नजर आ रही है, क्योंकि जमीन से जुड़े मामलों में दलालों और भ्रष्ट बाबुओं का बोलबाला लंबे समय से परेशानी का सबब बना हुआ था.