Jharkhand Treasury Scam: हजारीबाग और बोकारो में सरकारी खजाने से हुई अवैध निकासी के बाद वित्त सचिव प्रशांत कुमार ने राज्य के सभी डीसी, एसएसपी और कोषागार अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं. अब किसी भी कर्मचारी के वेतन भुगतान से पहले उसके नाम, पदनाम और जन्म तिथि का मिलान सीधे “सर्विस बुक” से करना अनिवार्य होगा. निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (DDO) को यह सुनिश्चित करना होगा कि कर्मचारी वास्तव में कार्यालय में कार्यरत है या नहीं. बिना इस सत्यापन सर्टिफिकेट के कोषागार से वेतन की एक भी रुपया की निकासी नहीं की जा सकेगी.
बैंक खातों का फिजिकल वेरिफिकेशन और ओटीपी की गोपनीयता पर जोर
नए नियमों के अनुसार, अब कर्मियों के बैंक खातों का सत्यापन उनके पासबुक या चेक के आधार पर ही किया जाएगा ताकि किसी “फर्जी” खाते में राशि न जा सके. वित्त विभाग ने डीडीओ (DDO) को सख्त हिदायत दी है कि वे अपना ओटीपी (OTP) किसी भी अन्य कर्मी या क्लर्क के साथ साझा न करें. अक्सर ओटीपी साझा करने के कारण ही बड़े वित्तीय फ्रॉड को अंजाम दिया जाता है. साथ ही, तीन साल से अधिक समय से एक ही पद पर जमे “बिल क्लर्क” को तुरंत बदलने का आदेश दिया गया है, ताकि सांठगांठ की संभावनाओं को खत्म किया जा सके.
पोर्टल पर लगेगी “डिजिटल रोक”, विशेष परिस्थिति में ही मिलेगी छूट
वित्त विभाग अब अपने आधिकारिक पोर्टल पर भी आवश्यक तकनीकी बदलाव कर रहा है, जिससे संदिग्ध निकासी पर स्वतः रोक लग जाएगी. विशेष परिस्थितियों में इन प्रावधानों से छूट केवल “कोषागार एवं सांस्थिक वित्त निदेशालय” के आदेश पर ही दी जा सकेगी. अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे इन निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें ताकि भविष्य में हजारीबाग और बोकारो जैसी वित्तीय गड़बड़ियों की पुनरावृत्ति न हो. विभाग का यह कदम सरकारी फंड की सुरक्षा और पारदर्शिता की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है.