Jharkhand News: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने रांची के नामकुम में आयोजित एक कार्यशाला के दौरान बड़ी घोषणा की है. उन्होंने बताया कि अब राज्य की प्रत्येक पंचायत में हेल्थ कॉटेज बनाए जाएंगे, जहां ग्रामीण मरीजों को आधुनिक इलाज के साथ-साथ स्वास्थ्य लाभ के लिए एक सुखद और सकारात्मक माहौल मिलेगा. सरकार का उद्देश्य दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को उनके घर के पास ही प्राथमिक उपचार और विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध कराना है.
747 अबुआ मेडिकल स्टोर और नई ब्लड पॉलिसी की तैयारी
दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर में 747 अबुआ मेडिकल स्टोर खोलने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. इसके साथ ही, डॉ. अंसारी ने बताया कि राज्य में खून की कमी को दूर करने के लिए एक नई नीति लागू की जाएगी, जिसके तहत एक समर्पित एजेंसी के जरिए रक्त की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी. लोगों की मदद के लिए जल्द ही एक टोल-फ्री नंबर भी जारी होगा, जिससे आपातकालीन स्थितियों में स्वास्थ्य सहायता प्राप्त करना आसान हो जाएगा.
ई-संजीवनी और एआई आधारित तकनीक से सुधरेगा हेल्थ सिस्टम
स्वास्थ्य मंत्री ने ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन की नई गाइडलाइंस जारी करते हुए कहा कि कोरोना काल में इस तकनीक ने अपनी उपयोगिता साबित की है. अब झारखंड के स्वास्थ्य ढांचे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीकों को भी शामिल किया जाएगा. कार्यशाला में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले 13 डॉक्टरों और 12 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) को सम्मानित किया गया. मंत्री ने डॉक्टरों को निर्देश दिया कि वे मरीजों के साथ संवेदनशील और सरल व्यवहार सुनिश्चित करें.
निगरानी सेल का गठन और अस्पतालों का औचक निरीक्षण
राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में जवाबदेही तय करने के लिए जल्द ही एक मजबूत निगरानी सेल बनाया जाएगा. डॉ. अंसारी ने स्पष्ट किया कि अच्छा काम करने वाले चिकित्सा कर्मियों को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी. उन्होंने सिविल सर्जनों और डॉक्टरों से बिना किसी डर के सेवा भाव से काम करने की अपील की. साथ ही, उन्होंने सचेत किया कि वे किसी भी समय स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण कर सकते हैं, ताकि धरातल पर सुधार नजर आए.