Tata Power Databricks Collaboration: टाटा समूह की प्रमुख कंपनी टाटा पावर ने अपने सभी बिजनेस ऑपरेशंस में डेटा और एआई परिवर्तन को गति देने के लिए “डेटाब्रिक्स प्लेटफॉर्म” को अपनाने की घोषणा की है. इस रणनीतिक साझेदारी का मुख्य उद्देश्य बिजली ग्रिड को स्मार्ट बनाना, रिन्यूएबल ऊर्जा (जैसे सौर ऊर्जा) का सटीक अनुमान लगाना और बिलिंग से लेकर सोलर मैन्युफैक्चरिंग तक की प्रक्रियाओं को अधिक सक्षम बनाना है. यह प्लेटफॉर्म पुराने डेटा वेयरहाउस की जगह एक एकीकृत डिजिटल आधार तैयार करेगा, जिससे कंपनी को एनर्जी ट्रांजिशन और स्मार्ट ग्रिड मैनेजमेंट में वैश्विक स्तर की बढ़त मिलेगी.
एआई एजेंट “जीनी” से सीधे बात कर सकेंगे कर्मचारी, डेटा एक्सेस होगा आसान
इस सहयोग का सबसे आकर्षक पहलू डेटाब्रिक्स का एआई एजेंट “जीनी” (Genie) है. यह एक सहज भाषा वाला इंटरफेस है, जो कंपनी के कर्मचारियों को जटिल डेटा से सीधे “बात” करने और तुरंत सटीक जवाब पाने की सुविधा देता है. इससे बिजनेस एनालिटिक्स और डैशबोर्ड बनाना बेहद सरल हो जाएगा, जिससे किसी भी विभाग के कर्मचारी बिना किसी तकनीकी विशेषज्ञता के डेटा के आधार पर तेज और सटीक निर्णय ले सकेंगे. टाटा पावर के सीईओ डॉ. प्रवीर सिन्हा के अनुसार, यह कदम एक इंटेलिजेंट एनर्जी इकोसिस्टम बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा.
स्वच्छ ऊर्जा और ग्राहक-केंद्रित समाधानों पर रहेगा जोर
टाटा पावर का लक्ष्य अपने पूरे एंटरप्राइज डेटा को एक ही प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करना है, जो अगली पीढ़ी के एआई ऐप्स के लिए आधार तैयार करेगा. डेटाब्रिक्स इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर कमलकांत तुम्माला ने कहा कि यह नवाचार भारत में एआई के विस्तार की मजबूत गति को दर्शाता है. इस प्लेटफॉर्म के जरिए कंपनी न केवल परिचालन दक्षता बढ़ाएगी, बल्कि ग्राहकों को भी एक बेहतर और निर्बाध अनुभव प्रदान करेगी. आने वाले समय में यह “सेल्फ-सर्विस एनालिटिक्स” जैसी सुविधाओं के साथ संगठन के हर स्तर पर सूचनाओं के प्रवाह को पारदर्शी और प्रभावी बनाएगा.