Jharkhand News: झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने भूतपूर्व सैनिकों के पुनर्वास और कल्याण के लिए “समामेलित निधि की राज्य प्रबंधन समिति” (State Managing Committee Of Amalgamated Fund) का पुनर्गठन किया है. इस समिति का नया कार्यकाल 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2027 तक के लिए निर्धारित किया गया है. राज्यपाल की अध्यक्षता में गठित यह समिति पूर्व सैनिकों के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं की देखरेख और उनके प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करेगी.
सेना और शासन के से जुड़े लोगों को मिली जिम्मेदारी
समिति की संरचना को बेहद प्रभावशाली बनाया गया है, जिसमें राज्यपाल अध्यक्ष और मुख्य सचिव प्रथम उपाध्यक्ष होंगे. रक्षा मंत्रालय के सचिव और सेना के 23 इन्फैंट्री डिवीजन के GOC को भी उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके अलावा, निदेशक (राज्य सैनिक कल्याण निदेशालय) को सदस्य सचिव बनाया गया है. समिति में सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों, मेजर जनरल मनोज कुमार और ब्रिगेडियर अमरेंद्र नारायण को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है, ताकि उनके अनुभवों का लाभ पूर्व सैनिकों के पुनर्वास में मिल सके.
विशेष आमंत्रित सदस्यों के साथ बेहतर समन्वय की तैयारी
समिति को अधिक प्रभावी बनाने के लिए केंद्र और राज्य के कई वरिष्ठ अधिकारियों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में जोड़ा गया है. इनमें गृह विभाग और वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव के साथ-साथ रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक (पुनर्वास) और पूर्वी कमान कोलकाता के निदेशक शामिल हैं. इस मजबूत प्रशासनिक ढांचे का उद्देश्य सेना और नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बिठाना है, जिससे पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी के मिल सके.