Jharkhand News: बोकारो के पिंडराजोरा थाना के पूरे स्टाफ (28 अधिकारियों व कर्मियों) को सस्पेंड किए जाने के फैसले के बाद झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है. एसोसिएशन ने इस सामूहिक कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए राज्य सरकार से बोकारो एसपी हरविंदर सिंह को तुरंत पद से हटाने की मांग की है. मामला जुलाई 2025 में गायब हुई एक युवती का कंकाल मिलने से जुड़ा है, जिसके बाद एसपी ने लापरवाही बरतने के आरोप में थाना प्रभारी समेत 10 सब-इंस्पेक्टर और अन्य 17 कर्मियों को निलंबित कर दिया था.
विफलता छुपाने का आरोप, डीजीपी से मिलेगी टीम
एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू कहना है कि इस मामले में पुलिस अधीक्षक खुद विफल रहे हैं और अपने नियंत्रण के अभाव को छुपाने के लिए उन्होंने निचले स्तर के कर्मियों पर गाज गिराई है. एसोसिएशन का कहना है कि संबंधित कांड की समीक्षा और समय पर कार्रवाई करने में एसपी नाकाम रहे और अब अपनी छवि बचाने के लिए सामूहिक निलंबन जैसे कदम उठा रहे हैं. एसोसिएशन की टीम जल्द ही डीजीपी से मिलकर इस मामले में हस्तक्षेप करने और न्याय दिलाने की मांग करेगी.
ट्रांसफर-पोस्टिंग में पारदर्शिता की मांग
पुलिस एसोसिएशन ने ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया में भी पारदर्शिता बरतने की मांग की है और चेतावनी दी है कि वे अपने सदस्यों के हितों के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं. एसोसिएशन के मुताबिक, इतनी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के सस्पेंशन से विभाग का मनोबल गिरेगा. फिलहाल, इस विवाद ने बोकारो पुलिस प्रशासन के भीतर चल रही खींचतान को सार्वजनिक कर दिया है.