Jamshedpur: ट्रेनों के माध्यम से गांजा तस्करी के एक बड़े मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रेल पुलिस अब अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ाने जा रही है। टाटानगर रेलवे स्टेशन पर हाल ही में हुई छापेमारी के दौरान उस्मान उर्फ छोटू और रोहन कुमार मौके से गांजा छोड़कर फरार हो गए थे, जिसके बाद से पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई है। अब मिली जानकारी के आधार पर रेल पुलिस उत्तर प्रदेश और बिहार में भी छापेमारी करने की तैयारी कर रही है, ताकि दोनों फरार आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके और पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
चार तस्कर गिरफ्तार, 75 किलो गांजा बरामद
इस पूरे मामले में आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई के दौरान चार आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया था, जिनकी पहचान अजय कुमार, रवि कुमार, मोहित सिंह और राजा सोनार के रूप में हुई है। सभी आरोपी पश्चिम चंपारण के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इनके पास से कुल 75 किलो गांजा बरामद किया, जो इस मामले की गंभीरता को दर्शाता है। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने फरार साथियों उस्मान और रोहन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी, जिसके आधार पर अब पुलिस ने अपनी जांच को और तेज कर दिया है।
न्यायालय में पेश, जांच के लिए भेजा जाएगा गांजा
बरामद किए गए गांजा को रेल पुलिस ने जिला न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है। कोर्ट के निर्देश के अनुसार अब इस मादक पदार्थ को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस न्यायालय से वारंट लेने की तैयारी में जुटी हुई है, ताकि कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई को और मजबूत किया जा सके।
ओडिशा से जुड़ रहा तस्करी का नेटवर्क
जांच के दौरान इस पूरे मामले में ओडिशा कनेक्शन भी सामने आया है, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि तस्करी का यह नेटवर्क राज्य की सीमाओं से बाहर तक फैला हुआ है। पुलिस को आशंका है कि तस्कर ओडिशा के विभिन्न शहरों से गांजा लाकर ट्रेन के जरिए बिहार और उत्तर प्रदेश में इसकी आपूर्ति करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए रेल पुलिस की टीम अब ओडिशा में भी संभावित ठिकानों पर छापेमारी करने की योजना बना रही है, ताकि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके।
8 अप्रैल को हुई थी कार्रवाई, जांच जारी
बता दें कि 8 अप्रैल को टाटानगर रेलवे स्टेशन पर यह छापेमारी चक्रधरपुर मंडल आरपीएफ उड़नदस्ता टीम के एएसआई बलवीर प्रसाद के नेतृत्व में की गई थी। उसी कार्रवाई के आधार पर मामला दर्ज किया गया और अब तक की जांच उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही फरार आरोपियों को पकड़कर इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी खुलासा किया जाएगा।