Railway News: टाटानगर रेलवे स्टेशन पर विधायक सरयू राय के भारी विरोध और धरना प्रदर्शन के बावजूद ट्रेनों की लेटलतीफी लगातार जारी है. शुक्रवार को रेल यात्रियों के लिए भारी फजीहत भरा दिन रहा, जब पुणे से चलकर हावड़ा जाने वाली 12129 आजाद हिंद एक्सप्रेस 6 घंटे की देरी से पहुंची. विडंबना यह है कि जन-आंदोलन और राजनीतिक दबाव के बाद भी रेलवे प्रशासन लापरवाही रोकने में विफल साबित हो रहा है. शुक्रवार को टाटानगर से होकर गुजरने वाली करीब 18 ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी पीछे रहीं, जिससे सैकड़ों यात्री प्लेटफार्म पर परेशान दिखे.
इसके साथ ही 01430 लातूर स्पेशल भी 6 घंटे 15 मिनट विलंब रही. विडंबना यह है कि जन-आंदोलन और राजनीतिक दबाव के बाद भी रेलवे प्रशासन लापरवाही रोकने में विफल साबित हो रहा है. देरी से चलने वाली अन्य प्रमुख ट्रेनों में कलिंग उत्कल एक्सप्रेस 3 घंटे 49 मिनट, दक्षिण बिहार एक्सप्रेस 3 घंटे 57 मिनट और पटना साप्ताहिक सुपरफास्ट 4 घंटे 43 मिनट की देरी से टाटानगर पहुंची. इसके अलावा शालीमार-पोरबंदर एक्सप्रेस 4 घंटे 25 मिनट, मुंबई मेल 4 घंटे 13 मिनट और इतवारी स्पेशल 3 घंटे 27 मिनट लेट रही. कम दूरी की ट्रेनों में स्टील एक्सप्रेस 2 घंटे 43 मिनट, नेताजी सुभाषचंद्र बोस इतवारी-टाटा एक्सप्रेस 2 घंटे 52 मिनट और बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस 2 घंटे 49 मिनट विलंब से स्टेशन पहुंची.
लोकल और मेमू ट्रेनों की स्थिति भी बेहद खराब रही, जिसमें गुआ-टाटा मेमू 2 घंटे 21 मिनट और खड़गपुर मेमू 1 घंटा 10 मिनट की देरी से चली. लंबी दूरी की टाटानगर एक्सप्रेस (एर्नाकुलम) 2 घंटे 31 मिनट, समलेश्वरी एक्सप्रेस 2 घंटे 12 मिनट और क्रिया योग एक्सप्रेस 1 घंटा 10 मिनट लेट रही. स्टेशन पर ट्रेनों के इंतजार में बैठे यात्रियों का कहना है कि लेटलतीफी अब रेलवे की आदत बन चुकी है. विधायक के आंदोलन के बाद भी व्यवस्था में सुधार न होना रेलवे प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है.