Jharkhand News: झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. राज्य के सरकारी अस्पतालों में लंबे समय से चली आ रही विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए 666 पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. स्वास्थ्य विभाग की पहल पर इन नियमित और बैकलॉग नियुक्तियों के लिए झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) को अधियाचना भेज दी गई है, जिससे राज्य के चिकित्सा ढांचे में सुधार की उम्मीद जगी है.
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुरोध पर कार्मिक विभाग ने 16 अप्रैल को जेपीएससी को आधिकारिक अधियाचना सौंप दी है. अब आयोग जल्द ही विज्ञापन जारी कर योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित करेगा. यह पूरी चयन प्रक्रिया झारखंड राज्य गैर-शैक्षणिक विशेषज्ञ चिकित्सक नियमावली के संशोधित प्रावधानों के तहत पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएगी, जिसमें कुल 666 पदों में से 506 नियमित और 160 बैकलॉग पद शामिल हैं.
गरीब मरीजों को मिलेगा सस्ता और बेहतर इलाज
इस बहाली का सबसे बड़ा लाभ राज्य के गरीब और मध्यम वर्गीय मरीजों को होगा. अब उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह के लिए निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और सरकारी अस्पतालों में ही नि:शुल्क या न्यूनतम शुल्क पर बेहतर इलाज मिल सकेगा. विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता से ग्रामीण क्षेत्रों और जिला अस्पतालों की स्वास्थ्य गुणवत्ता में क्रांतिकारी बदलाव आएगा, जिससे लोगों का सरकारी स्वास्थ्य तंत्र पर भरोसा और मजबूत होगा.
रेफरल कल्चर पर लगेगी लगाम
जिलों और अनुमंडल स्तर के अस्पतालों में विशेषज्ञों की तैनाती से "रेफरल कल्चर" पर भी प्रभावी रोक लगेगी. अब मरीजों को छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए रिम्स या बड़े निजी अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत कम पड़ेगी, जिससे बड़े अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम होगा. प्रखंड स्तर पर फिजिशियन और शिशु रोग विशेषज्ञों की मौजूदगी से ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे में सुधार होगा और समय पर इलाज मिलने से मरीजों की जान बचाई जा सकेगी.